सत्तारूढ़ माकपा के विधायक एम एम मणि की एक महिला विधायक के खिलाफ विवादित टिप्पणी को लेकर केरल विधानसभा में तीसरे दिन शनिवार को भी जोरदार हंगामा हुआ। वहीं, इस दौरान माकपा विधायक एम एम मणि ने शनिवार को वरिष्ठ भाकपा नेता एनी राजा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर एक और विवाद खड़ा कर दिया।
गौरतलब है कि मणि ने आरएमपी विधायक के के रीमा के बारे में कथित तौर पर कहा था कि विधवा होना उनकी किस्मत में लिखा था। मणि कांग्रेस नीत विपक्ष के हंगामे के बावजूद अपने रुख पर अड़े हुए हैं। कांग्रेस ने उनसे माफी मांगने की मांग की है। शनिवार को मणि ने राज्य विधानसभा में आरएमपी विधायक के के रेमा के खिलाफ हाल ही में विवादास्पद टिप्पणी के लिए अन्नी राजा की आलोचना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाकपा नेता के खिलाफ एक अपमानजनक टिप्पणी का इस्तेमाल किया और कहा कि वह केरल विधानसभा में जिन मुद्दों का सामना कर रही हैं, उनके बारे में उन्हें नहीं पता है। उनकी इस टिप्पणी पर भाकपा ने पलटवार किया है।
मणि पर निशाना साधते हुए भाकपा इडुक्की के जिला सचिव के के शिवरामन ने उम्मीद जताते हुए कहा कि माकपा नेतृत्व भविष्य में उन्हें दूसरों के खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए कदम उठाएगा। उन्होंने महिला राजनेताओं के खिलाफ माकपा नेता मणि की टिप्पणी को "बेहद अश्लील" बताया। इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि माकपा नेता लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के लिए जाने जाते हैं और इसे आम आदमी द्वारा बोलचाल की भाषा के रूप में नहीं माना जा सकता है।
वहीं, नई दिल्ली में एनी राजा ने कहा कि वह माकपा नेता मणि को उनकी ही भाषा में जवाब नहीं दे सकतीं, क्योंकि वह राष्ट्रीय राजधानी में वामपंथ की राजनीति को कायम रख रही हैं। इस बीच, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर मणि और माकपा नेतृत्व के खिलाफ हमला किया है। कांग्रेस ने पीएम पर भी आरोप लगाया है कि उनके महिला विरोधी बयान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की जानकारी में हैं। विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने कहा कि मणि का इस तरह की महिला विरोधी टिप्पणी करने का इतिहास रहा है। विधानसभा में रेमा के खिलाफ मणि की विवादास्पद टिप्पणी का जिक्र करते हुए सतीसन ने माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने का आग्रह किया।