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राज्यसभा: 'विशेषाधिकार हनन की जांच का आदेश लोकतांत्रिक विरासत के खिलाफ', CPI MP ने धनखड़ के खिलाफ खोला मोर्चा

Thu, 23 Feb 2023 06:02 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने एक संसदीय समिति से 12 कांग्रेस और आप सांसदों द्वारा बार-बार सदन के वेल में प्रवेश करने, नारेबाजी करने और सदन की कार्यवाही बाधित करने के कथित विशेषाधिकार हनन की जांच करने को कहा था। इन सांसदों में नौ सांसद कांग्रेस के हैं और अन्य तीन आम आदमी पार्टी (आप) से हैं।
 
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राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में हंगामा करने और सदन की कार्यवाही में व्यवधान पैदा करने के लिए 12 विपक्षी सांसदों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की जांच करने के सभापति जगदीप धनखड़ के आदेश पर भाकपा सांसद ने सवाल खड़े किए हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद बिनॉय विश्वम ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को एक पत्र लिखा है। गुरुवार को लिए गए पत्र में उन्होंने कहा है कि 12 विपक्षी सांसदों द्वारा सदन में व्यवधान पैदा करने के लिए विशेषाधिकार समिति से जांच कराने का उनका फैसला संसद की लोकतांत्रिक विरासत के खिलाफ है।

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भाकपा सांसद ने क्या लिखा पत्र में?
 भाकपा सांसद बिनॉय विश्वम ने सभापति धनखड़ को लिखे गए पत्र में कहा 'मैं यह पत्र संसद के 12 सदस्यों के खिलाफ प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 203 के तहत कथित 'विशेषाधिकार के उल्लंघन' के सवाल का जिक्र करते हुए आप पर अपनी आपत्ति जताने के लिए लिखता हूं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह कदम नियमों का उल्लंघन है।'

राज्यसभा सांसद ने अपने पत्र में आगे लिखा कि राज्यसभा की प्रक्रिया के नियम एक नियम 267 प्रदान करते हैं, जो लोकसभा नियमों के अध्याय IX के तहत स्थगन प्रस्ताव के समान प्रकृति का है। यह विपक्ष के लिए एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में कार्य करता है जो आम जनता के हित में मुद्दों को उठाता है। हालांकि, मौजूदा व्यवस्था इस नियम के तहत एक भी चर्चा की अनुमति देने में विफल रही है। यह चिंता का एक गंभीर कारण है क्योंकि यह संसद में लोगों के मुद्दों पर बहस और चर्चा करने के लिए सरकार की घटती इच्छा की प्रवृत्ति को इंगित करता है।  
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अपने पत्र में उन्होंने राज्यसभा के सभापति से आदेश को वापस लेने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि 'मैं यह समझने में विफल हूं कि संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन कैसे किया जा रहा है जब संसद सदस्य अपने अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। वे नियम पुस्तिका के अनुसार नोटिस देते हैं।  

राज्यसभा के सभापति ने दिया था जांच का आदेश 
दरअसल, सभापति जगदीप धनखड़ ने एक संसदीय समिति से 12 कांग्रेस और आप सांसदों द्वारा बार-बार सदन के वेल में प्रवेश करने, नारेबाजी करने और सदन की कार्यवाही बाधित करने के कथित विशेषाधिकार हनन की जांच करने को कहा था। इन सांसदों में नौ सांसद कांग्रेस के हैं और अन्य तीन आम आदमी पार्टी (आप) से हैं।

इन सदस्यों के खिलाफ होगी जांच 
जानकारी के मुताबिक, जिन सांसदों के खिलाफ संसदीय समिति को जांच सौंपी गई है, उनमें कांग्रेस सांसद शक्तिसिंह गोहिल, नारनभाई जे राठवा, सैयद नासिर हुसैन, कुमार केतकर, इमरान प्रतापगढ़ी, एल हनुमंथैया, फूलो देवी नेताम, जेबी माथेर हिशाम और रंजीत रंजन व  आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, सुशील कुमार गुप्ता और संदीप कुमार पाठक शामिल हैं।

अदाणी मामले पर हुआ था हंगामा 

बता दें, राज्यसभा और लोकसभा में अदाणी मामले को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ था। विपक्ष के सांसद लगातार सरकार से गौतम अदाणी मामले में संयुक्त संसदीय कमेटी की मांग कर रहे थे, जिसको लेकर बार-बार संसदीय कार्यवाही बाधित हुई और सदन को स्थगित करना पड़ा। 

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