सार
केरल में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारी तेज होते ही माकपा ने कड़ा विरोध जताया है। पार्टी नेता एमवी गोविंदन ने इसे अव्यवहारिक, अवैध और कोर्ट की अवमानना बताया। उन्होंने केंद्र पर एसआईआर के जरिए एनआरसी लागू करने की कोशिश का आरोप लगाया।
केरल में आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर तैयारी तेज कर दी है। ऐसे में राज्यभर से इस मामले में प्रतिक्रियाएं भी आने लगी है। साथ ही माकपा के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने राज्य में होने वाले एसआईआर को लेकर विरोध में जताया।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा केरल में आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों से पहले एसआईआर कराने का निर्णय अव्यवहारिक और अवैध है, जिसे जनता का व्यापक विरोध मिलेगा। गोविंदन ने कहा कि इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट में बिहार से संबंधित याचिकाओं पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है, ऐसे में केरल में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना अदालती अवमानना के समान है।
गोविंदन ने लगाया एनआरसी लगाने की कोशिश का आरोप
इस दौरन गोविंदन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार, चुनाव आयोग की मदद से एसआईआर के जरिए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को अप्रत्यक्ष रूप से लागू करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सिर्फ बीजेपी को छोड़कर सभी दलों ने एसआईआर का विरोध किया।
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50 लाख से अधिक वोटरों पर खतरा
बता दें कि चुनाव आयोग की यह नई जांच 2002 की मतदाता सूची के आधार पर की जानी है। ऐसे में माकपा नेता गोविंदन ने चेतावनी दी कि इससे 50 लाख से अधिक वोटरों को सूची से बाहर कर दिया जाएगा और उन्हें फिर से वोट डालने के लिए आवेदन देना पड़ेगा।
राज्यव्यापी अभियान चलाएगी माकपा
उन्होंने कहा कि पिछले 23 वर्षों में केरल में एक करोड़ से ज्यादा नए वोटर जुड़े हैं और पोलिंग बूथों की संख्या भी 22,942 से बढ़कर 31,789 हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि खुद राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव आयोग को लिखा है कि स्थानीय निकाय चुनावों (नवंबर-दिसंबर) के दौरान इस प्रक्रिया को लागू करना बहुत मुश्किल होगा। इसके साथ ही गोविंदन ने बताया कि पार्टी अक्तूबर में इस मुद्दे पर एक सेमिनार आयोजित करेगी, जिसमें विशेषज्ञों को बुलाया जाएगा और साथ ही राज्यव्यापी जन अभियान भी शुरू किया जाएगा।
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