पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर इंडिया गठबंधन के दलों के बीच खींचतान देखने को मिली। एक तरफ जहां तृणमूल कांग्रेस ने न्याय यात्रा से दूरी बनाए रखी। वहीं गुरुवार मुर्शिदाबाद में सीपीआई(एम) ने राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो न्याय यात्रा में कदम ताल मिलाया। लेकिन यह बात टीएमसी को रास नहीं आई और उन्होंने इसकी जमकर आलोचना की और भाजपा के साथ हाथ मिलाने का आरोप लगाया।
हालांकि, टीएमसी के द्वारा सीपीआई (एम) और कांग्रेस की जमकर आलोचना की गई। बनर्जी ने गुरुवार को कहा था कि टीएमसी दिल्ली जीतेगी और आगामी लोकसभा चुनावों के बाद सभी क्षेत्रीय दलों को एक छतरी के नीचे लाएगी।
बता दें कि कांग्रेस द्वारा टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को मनाने के प्रयास जारी हैं। इधर, सत्तारूढ़ दल की अनिच्छा के बावजूद कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने भी उम्मीद जताई है कि वह टीएमसी के साथ सीट बंटवारा कर सकते हैं।
नादिया जिले में सीएम ममता ने की जमकर आलोचना
पड़ोसी नादिया जिले में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए,सीएम ममता ने जमकर सीपीआई(एम) के न्याय यात्रा में शामिल होने पर आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य में आगामी लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाने के लिए उत्सुक थी, लेकिन यह सबसे पुरानी पार्टी थी जिसने उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
उन्होंने कहा, 'हम गठबंधन करना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस सहमत नहीं थी। सीएम ममता ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने चुनाव में भाजपा की सहायता करने के लिए सीपीआई (एम) के साथ हाथ मिलाया है, जबकि हम(टीएमसी) ही हैं जो देश में भाजपा से लड़ सकते हैं।
सरकार बनाने का जताया विश्वास
मुख्यमंत्री ने यह विश्वास जताते हुए कहा कि भाजपा चुनाव हार जाएगी, चुनाव के बाद, टीएमसी अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ केंद्र में सरकार बनाने की रणनीति पर फैसला करेगी। उन्होंने कहा, 'अगर लोग हमारे साथ हैं, तो हम वादा करते हैं, हम दिल्ली (लोकसभा चुनाव) जीतेंगे। चुनाव के बाद, हम सभी क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर सरकार बनाएंगे।'
गौरतलब है कि राहुल गांधी की अगुवाई वाली न्याय यात्रा गुरुवार को कांग्रेस के गढ़ रहे मुर्शिदाबाद जिले में पहुंची। यहां पोलित ब्यूरो सदस्य और राज्य सचिव मोहम्मद सलीम सहित शीर्ष सीपीआई (एम) नेता एक खुली जीप में यात्रा में शामिल हुए। इसमें गांधी हाथ हिलाते नजर आए और पास खड़े लोग और उनके अभिवादन का उत्तर देते रहे। इसके बाद राहुल गांधी को सलीम और अन्य वरिष्ठ सीपीआई (एम) नेताओं से बात करते देखा गया।