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ताज संवेदी क्षेत्र में बिना मंजूरी चल रही ग्लास यूनिटें बंद कराने का आदेश 

Sun, 19 Nov 2017 03:32 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने फिरोजाबाद में बिना अनुमति चल रही शीशा औद्योगिक ईकाइयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण (यूपीपीसीबी) को फटकार भी लगाई है कि बार-बार आदेश के बावजूद अभी तक प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक ईकाइयों पर न तो कार्रवाई की गई और न ही उसकी रिपोर्ट दाखिल की गई।
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 सीपीसीबी ने यूपीपीसीबी को एक महीने के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। सीपीसीबी के चेयरमैन एसपी सिंह परिहार ने यह आदेश 5 मई को राज्यसभा सदस्य वी विजयासी रेड्डी की चिट्ठी के बाद दिया है। रेड्डी ने सीपीसीबी को खत लिखकर फिरोजाबाद यानी ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में संचालित प्रदूषण फैलाने वाले शीशा औद्योगिक ईकाइयों पर कार्रवाई करने के लिए कहा था। 

पढ़ें- अभी नहीं टला ताजमहल पर प्रदूषण का खतरा, 15 वर्ष से बने हुए हैं हान‌िकारक प्रदूषक तत्व

इसके साथ ही सीपीसीबी को लिखे गए खत में कहा गया था कि टीटीजेड क्षेत्र में न ही किसी नए उद्योग को इजाजत मिलनी चाहिए और न ही किसी पुरानी औद्योगिक ईकाई का विस्तार होना चाहिए। खत के आधार पर सीपीसीबी ने 10 अगस्त को यूपीपीसीबी को शीशा उद्योग से संबंधित कई जानकारी मांगी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन को लेकर स्थिति रिपोर्ट भी मांगी थी। इसके बावजूद यूपीपीसीबी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। 
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एनजीटी भी कार्रवाई संबंधी आदेश जारी कर इस याचिका का निपटारा कर चुका है

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अब सलीपीसीबी ने फिर से अपने आदेश में यूपीपीसीबी को कहा है कि वह कार्रवाई रिपोर्ट देने के साथ ही ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में मौजूद उद्योगों को विस्तार न करने और नैचुरल गैस का ईंधन के तौर पर प्रयोग करने का आदेश दिया है। वहीं ऐसी औद्योगिक ईकाइयां जिनमें प्रदूषण निगरानी उपकरण और औद्योगिक प्रवाह शोधन संयंत्र नहीं है उन्हें भी बंद करने का आदेश दिया गया है। 

ताजमहल को संरक्षित करने और प्रदूषण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 30 दिसंबर 1996 को ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) बनाने का आदेश दिया था। इसमें छह जिले शामिल थे जिनमें औद्योगिक गतिविधियों को भी नियंत्रित करने के लिए कहा गया था। टीटीजेड 10 हजार 400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र तक का दायरा कवर करता है। टीटीजेड में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस और एटा और भरतपुर (राजस्थान) शामिल हैं। 

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में वर्ष 2015 में गैर सरकारी संस्था सोशल एक्शन फॉर फॉरेस्ट एंड एनवॉयरमेंट (सेफ) की ओर से अवैध ग्लास यूनिट पर कार्रवाई करने के लिए एक याचिका दाखिल की गई थी। एनजीटी भी कार्रवाई संबंधी आदेश जारी कर इस याचिका का निपटारा कर चुका है। एनजीटी में दाखिल की गई याचिका में कहा गया था कि फिरोजाबाद में करीब 90 से अधिक ग्लास यूनिट बिना अनुमति संचालित हो रही हैं। 
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