केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने फिरोजाबाद में बिना अनुमति चल रही शीशा औद्योगिक ईकाइयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण (यूपीपीसीबी) को फटकार भी लगाई है कि बार-बार आदेश के बावजूद अभी तक प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक ईकाइयों पर न तो कार्रवाई की गई और न ही उसकी रिपोर्ट दाखिल की गई।
सीपीसीबी ने यूपीपीसीबी को एक महीने के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। सीपीसीबी के चेयरमैन एसपी सिंह परिहार ने यह आदेश 5 मई को राज्यसभा सदस्य वी विजयासी रेड्डी की चिट्ठी के बाद दिया है। रेड्डी ने सीपीसीबी को खत लिखकर फिरोजाबाद यानी ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में संचालित प्रदूषण फैलाने वाले शीशा औद्योगिक ईकाइयों पर कार्रवाई करने के लिए कहा था।
पढ़ें- अभी नहीं टला ताजमहल पर प्रदूषण का खतरा, 15 वर्ष से बने हुए हैं हानिकारक प्रदूषक तत्व
इसके साथ ही सीपीसीबी को लिखे गए खत में कहा गया था कि टीटीजेड क्षेत्र में न ही किसी नए उद्योग को इजाजत मिलनी चाहिए और न ही किसी पुरानी औद्योगिक ईकाई का विस्तार होना चाहिए। खत के आधार पर सीपीसीबी ने 10 अगस्त को यूपीपीसीबी को शीशा उद्योग से संबंधित कई जानकारी मांगी और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन को लेकर स्थिति रिपोर्ट भी मांगी थी। इसके बावजूद यूपीपीसीबी की ओर से कोई जवाब नहीं आया।