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अनोखा प्रयोगः गायों की एंटीबॉडी से बनेगी कोरोना की दवा, जल्द होगा ट्रायल

Mon, 22 Jun 2020 03:36 PM IST
Rohit Ojha न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
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दुनिया भर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस की दवाई की खोज में जुटे हुए हैं। कुछ देशों के वैज्ञानिकों ने दावा भी किया है कि उन्होंने कोरोना की वैक्सीन बना ली है। वैक्सीन बनाने वाली कुछ प्रमुख कंपनियां अभी इस पर शोध कर रही हैं। इस बीच कहा जा रहा है कि कोरोना की दवाई बनाने के लिए कंपनियां गायों की मदद ले रही हैं। यह अनोखा प्रयोग अमेरिका के दक्षिण डकोटा की कंपनी सब बायोथेरेप्यूटिक्स ने शुरू किया है। अगले महीने इलाज के इस तरीके का ह्यूमन ट्रायल किया जाएगा।

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दरअसल, गाय में किसी इंसान की तुलना में दोगुना या अधिक मात्रा और ज्यादा विविधता वाले एंटीबॉडी तैयार होते हैं। लिहाजा शोध में इंसानों की प्रतिरक्षी कोशिका गायों में जेनेटिकली इंजीनियरिंग द्वारा प्रत्यारोपित की जाएगी। जिससे कोविड-19 से लड़ने के लिए गाय में एंटीबॉडी तैयार होगी। जिससे एसएबी-185 नामक दवा का निर्माण किया जाएगा।

कोविड-19 के लिए इसका प्रभाव जांचने के लिए कंपनी ने पीट्सबर्ग विश्वविद्यालय में इम्यूनोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विलियम क्लिस्ट्रा के साथ मिलकर काम किया है। सबसे पहले गायों की त्वचा से कोशिकाएं लेकर जानवरों के एंटीबॉडी बनाने में भूमिका निभाने वाले जीन को हटाया गया। इसके बाद वैज्ञानिकों ने कृत्रिम मानव जीन को प्रवेश कराया, जो कि मनुष्य के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन करता था। इन कोशिकाओं के डीएनए को गाय के अंडे में डाला जाता है जिसे पूर्व में सूचित किया जाता है, जिससे कि सैकड़ों गाय मानव प्रतिरक्षा प्रणाली का उत्पादन कर सकें।
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गायों की रक्त में बड़ी मात्रा में एंटीबॉडी का उत्पादन होता है यह मनुष्य की तुलना में प्रति मिलीलीटर दो गुना है। साथ ही वे एंटीबॉडी के विभिन्न प्रकारों का उत्पादन करती हैं। सिओक्स फाल्स स्थित सैफ बायोथेरेप्यूटिक्स ने जेनेटिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल करते हुए मनुष्य की कोशिकाओं को गायों में प्रत्यारोपित किया। इसके बदले में गाय कोविड-19 के खिलाफ एंटीबॉडी का निर्माण करती है, जिससे सब-150 सी दवा बनाई जाएगी। इस दवा का उपयोग वायरस से संक्रमित रोगियों को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उपचार के रूप में किया जा सकता है।

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