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Covid-19 Vaccine: केंद्र सरकार ने राज्यों से मांगी प्राथमिकता वाली आबादी की सूची

Sun, 04 Oct 2020 06:06 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों से अक्तूबर अंत कर प्रमुखता वाली आबादी (प्रियॉरिटी पॉपुलेशन) की सूची जमा करने को कहा है जिन्हें कोविड-19 वैक्सीन दी जानी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रविवार को साप्ताहिक कार्यक्रम 'संडे संवाद' में यह जानकारी दी। प्रमुखता वाली आबादी से तात्पर्य उन लोगों से है जिनके संक्रमित होने का खतरा अधिक है। मंत्री ने कहा कि तैयार होने के बाद वैक्सीन के समान और उचित वितरण की व्यवस्था के लिए सरकार काम कर रही है।  

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हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार ने अगले साल जुलाई तक 20-25 करोड़ लोगों को कोविड-19 की वैक्सीन लगाने के लिए 40-50 करोड़ खुराक प्राप्त करने और उपयोग किए जाने का अनुमान लगाया है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञों का समूह वैक्सीन के सभी पहलुओं पर विचार करेगा। उन्होंने कहा कि इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय एक प्रारूप तैयार कर रहा है, जिसमें राज्य सरकारें प्राथमिकता वाली आबादी समूह की सूची मंत्रालय को सौंपेंगी।


इस सूची में अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता (फ्रंटलाइन वर्कर), सरकारी और निजी क्षेत्र के चिकित्सक, नर्स, पैरामेडिकल कर्मी, स्वच्छता कर्मी, आशा कार्यकर्ता, निगरानी अधिकारी, मरीजों की ट्रेसिंग, टेस्टिंग और इलाज से जुड़े अन्य कर्मी शामिल होंगे। हर्षवर्धन ने कहा कि यह काम अक्तूबर अंत तक पूरा हो जाएगा। राज्यों को निर्देशित किया जा रहा है कि वे शीतलन श्रृंखला (कोल्ड चेन) भंडारण सुविधाओं और अन्य संबद्ध बुनियादी ढांचे के बारे में ब्योरा सौंपें, जो प्रखंड स्तर पर जरूरी होंगे।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार बड़े पैमाने पर मानव संसाधन तैयार करने, प्रशिक्षण, निगरानी और अन्य चीजों के लिए काम कर रही है। सरकार इन योजनाओं को अंतिम रूप देते समय कोविड-19 महामारी से संबद्ध प्रतिरक्षा आंकड़ों पर भी नजर रखेगी। हर्षवर्धन ने कहा कि इसके लिए नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति पूरी प्रक्रिया का खाका तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि टीके की खरीद केंद्रीकृत रूप से की जाएगी और हर खेप को पहुंचाए जाने तक कड़ी निगरानी की जाएगी, ताकि यह सर्वाधिक जरूरतमंद तक पहुंच सके। समिति विभिन्न वैक्सीनों के देश में उपलब्ध होने की समय सीमा को समझने पर काम रही है। साथ ही वैक्सीन विनिर्माताओं से यह प्रतिबद्धता ली जा रही है कि वे अधिकतम संख्या में इसकी खुराक भारत को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा, यह कार्य प्रगति पर है, जो टीकाकरण शुरू होने से पहले पूरा हो जाएगा।

संवाद के दौरान एक व्यक्ति की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि वैक्सीन की कोई कालाबाजारी नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'वैक्सीन पूर्व निर्धारित प्राथमिकता के आधार पर वितरित की जाएगी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया आने वाले महीनों में साझा की जाएगी।' रूस की 'स्पुतनिक-वी' वैक्सीन के भारत में तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के बारे में उन्होंने कहा कि इस विषय पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। 

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