राजेश भूषण ने छत्तीसगढ़ में कोरोना की स्थिति को लेकर कहा कि यह राज्य हमारे लिए चिंता का कारण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि छोटा राज्य होने के बावजूद यहां देश के कुल कोरोना मामलों के छह फीसदी मामले हैं। इसके अलावा देश में कोरोना से हुई कुल मौतों में से तीन फीसदी छत्तीसगढ़ में हुई हैं। संक्रमण की दूसरी लहर ने छत्तीसगढ़ में हालात और गंभीर किए हैं।
अगले चार सप्ताह बहुत अहम, लोगों की भागीदारी जरूरी
हालांकि, भूषण ने कहा कि भारत में प्रति दस लाख आबादी पर कोरोना वायरस संक्रमण के मामले और मौत के आंकड़े अभी भी दुनिया में सबसे कम हैं। उन्होंने जोर दिया कि देश में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है और अगले चार सप्ताह हमारे लिए बेहद विकट हैं।
पंजाब के मुकाबले दिल्ली और हरियाणा में स्थिति ठीक
राजेश भूषण ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से होने वाली मौतों में से करीब 4.5 फीसदी लोगों की मौत पंजाब में हुई है। पंजाब की तुलना में दिल्ली और हरियाणा में कोरोना के सक्रिय मामले और मृत्यु दर दोनों ही बहुत कम हैं। हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने पंजाब में औसत दैनिक जांच में आरटी-पीसीआर जांचों की स्थिति पर संतोष जताया, जो कि यहां 76 फीसदी है।
कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश में टीकाकरण की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि हमने सोमवार को 24 घंटों में कोविड-19 वैक्सीन की 43 लाख खुराकें लगाईं, जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि आज सुबह (मंगलवार) तक देश में कोरोना वायरस रोधी वैक्सीन की कुल 8.31 करोड़ खुराकें लोगों की लगाई जा चुकी हैं।
टीकाकरण: अमेरिका की तुलना में कहां पर खड़े हैं हम
राजेश भूषण ने कहा कि अमेरिका में दैनिक रूप से औसत 30.53 लाख खुराकें लगाई जा रही हैं, वहीं भारत में आंकड़ा 26.53 लाख है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने 112 दिनों में 16 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई है वहीं भारत में 79 दिनों में 7.9 करोड़ लोगों को वैक्सीन की खुराक दी गई है।
भूषण ने कहा कि कई लोग पूछते हैं कि सभी के लिए टीकाकरण की शुरुआत क्यों नहीं कर रहे हैं। ऐसे टीकाकरण अभियानों के दो लक्ष्य होते हैं। पहला बीमारी से होने वाली मौतों को रोकना और दूसरा स्वास्थ्य व्यवस्था को बचाए रखना। लक्ष्य यह नहीं है कि जो खरीद सकते हैं उन्हें पहले टीका लगा दिया जाए बल्कि यह है कि पहले टीका उन्हें लगाया जाए जिन्हें जरूरत है।
तीन राज्यों के लिए रवाना किए गए 50 उच्चस्तरीय दल
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पंजाब के लिए 50 उच्चस्तरीय जनस्वास्थ्य दल रवाना किए हैं। ये दल महाराष्ट्र के 30 जिलों में, छत्तीसगढ़ के 11 जिलों में और पंजाब के नौ जिलों में तैनात किए गए हैं। बता दें कि देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से यही तीनों राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। महाराष्ट्र में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है।
केंद्र सरकार ने कहा है कि 18 से 44 साल के स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कार्यकर्ताओं के लिए कोविड-19 टीकाकरण के लिए मौके पर जाकर पंजीकरण कराने की सुविधा अब केवल सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर ही उपलब्ध होगी। केंद्र ने कहा कि इन कर्मियों को मूल पहचान प्रमाणपत्र और उनके रोजगार प्रमाणपत्र की एक प्रति दिखानी होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र के और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर रहकर काम करने वाले जो भी लोग टीके से छूट गए हैं उन्हें केवल सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर ही मौके पर पंजीकरण (ऑन-साइट रजिस्ट्रेशन) की सुविधा मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने रविवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा था कि स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कर्मिचारियों के लिए तत्काल प्रभाव से नए पंजीकरण की कोई सुविधा नहीं होगी। क्योंकि, कुछ अपात्र लोग इसमें अपना नाम लिखा रहे हैं और दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए इस श्रेणी में टीकाकरण करवा रहे हैं।