प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने का फैसला आईसीएमआर की वैज्ञानिक सलाहकार समिति से चर्चा करने के बाद लिया। कोरोना संकट से पार पाने के लिए 21 वैज्ञानिकों की समिति का गठन किया गया है। इस टास्क फोर्स की रायशुमारी के बाद ही अहम फैसले लिए जा रहे हैं।
सरकार के मुताबिक, पिछले एक महीने में टास्क फोर्स की 14 बैठकें हो चुकी है। पीएम मोदी सातों दिन 24 घंटे टास्क फोर्स के सीधे संपर्क के लिए उपलब्ध रहते हैं। चूंकि पीएम खुद कोरोना से जुड़े सभी मामलों पर पैनी निगाह रखते हैं, इसलिए किसी अहम फैसले में उनकी अनदेखी नहीं हो सकती।
दरअसल, हाल ही में ऐसी खबरें थीं कि पीएम ने बिना वैज्ञानिकों से सलाह लिए लॉकडाउन को 19 दिन बढ़ाने का फैसला किया है। इस पर पीआईबी ने फैक्ट शीट जारी कर इन खबरों को तथ्यहीन व निराधार बताया। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कहा है कि कोरोना की जंग में सलाहकार समिति खासी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है। समिति कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बड़ा अस्त्र है। ऐसे में हर फैसले को करने से पहले टास्क फोर्स से चर्चा की जाती है।