केंद्र सरकार ने क्वारंटीन में रखे गए विभिन्न राज्यों से अपने घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों और विदेश से लौटने वाले भारतीय नागरिकों की कोरोना वायरस के लिए पूल टेस्टिंग कराने का फैसला लिया है। इन लोगों के आरटी-पीसीआर पर आधारित पूल टेस्टिंग के लिए सैंपल लिए जाएंगे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को प्रवासी मजदूरों, विदेश से लौटने वाले भारतीय नागरिकों और ग्रीन जोन में आरटी-पीसीआर आधारित पूल टेस्टिंग के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। मंत्रालय ने कहा कि यही तकनीक ग्रीन जोन में निगरानी रखने के लिए भी इस्तेमाल की जाएगी।
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दिशा-निर्देशों के मुताबिक, 'क्वारंटीन में रखे गए प्रवासी मजदूरों, विदेशों से लौटने वाले भारतीय नागरिकों और ग्रीन जोन में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए एक बार आरटी-पीसीआर पर आधारित पूल टेस्टिंग करने का फैसला लिया गया है।'
इन निर्देशों के मुताबिक, पूल टेस्टिंग के लिए 25 लोग चिह्नित किए जाएंगे जिनके गले और नाक का सैंपल लिया जाएगा। ये सैंपल एकत्र करने की प्रक्रिया प्रशिक्षित लैब अधिकारियों द्वारा की जाएगी जो उचित सुरक्षा सूट के साथ हैंड ग्ल्व्स (दस्ताने), फेस शील्ड और एन-95 मास्क पहने होंगे।
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इन सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के 24 घंटे के अंदर संबंधित क्वारंटीन सेंटर को इसकी सूचना दे दी जाएगी। दिशा-निर्देशों के अनुसार, अगर कोई पूल सैंपल पॉजिटिव पाया जाता है तो फिर उसमें सम्मिलित हर सैंपल की जांच की जाएगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 3722 नए मामले सामने आए हैं और 134 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 78,003 हो गई है, जिनमें 49,219 सक्रिय हैं, 26,235 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 2549 लोगों की मौत हो चुकी है।