हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा की वैश्विक सप्लाई का 70 फीसदी उत्पादन भारत में किया जाता है। भारतीय दवा कंपनियां प्रति माह करीब 40 लाख टन हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा का उत्पादन करती हैं, जिसे बढ़ाकर 70 लाख टन तक किया जा सकता है। यदि भारतीय कंपनियां पूर्ण क्षमता से काम करें तो प्रति माह करीब 35 करोड़ गोलियां तैयार कर सकती हैं।
दोनों देशों के संबंध फिर हो सकते हैं मधुर
माना जा रहा है कि भारत की तरफ से मलयेशिया को दवा सप्लाई करने का निर्णय लेने से दोनों देशों के संबंध फिर से मधुर हो सकते हैं। फरवरी में पद से इस्तीफा देने वाले मलयेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद द्वारा कश्मीर में धारा 370 हटाने, नागरिकता संशोधन कानून लागू करने जैसी भारतीय नीतियों की कटु आलोचना ने दोनों देशों के संबंध खराब कर दिए थे।
मलयेशिया ने भारत में भगोड़ा घोषित जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण से भी इंकार कर दिया था। इसके चलते भारत ने मलयेशिया के साथ व्यापारिक संबंध तोड़ लिए थे और राजनीतिक संपर्कों में भी कमी कर दी थी। लेकिन महातिर के इस्तीफ के बाद आई नई सरकार लगातार भारत के साथ संबंध सुधारने का प्रयास कर रही है।