Karnataka Chief Minister BS Yediyurappa
- फोटो : ANI
दक्षिण भारत के गांव में कोरोना के बढ़ते प्रसार को देख सभी राज्यों ने तैयारी शुरू कर दी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा ने बैठक के दौरान जिला पंचायतों के डिप्टी कमिश्नर और सीईओ को ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों के लिए आइसोलेशन सेंटर खोलने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा, क्षेत्र के स्कूलों, छात्रावासों और विभागों के साथ अन्य होल को आइसोलेशन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में जो लोग भी संक्रमित मिल रहे हैं, उन्हें आइसोलेशन केंद्रों में भर्ती किया जाए।
सभी जरूरी दवाओं के साथ ऑक्सीजन की भी व्यवस्था
सीएम बीएस येद्दयुरप्पा ने सख्त आदेश देते हुए कहा लक्षण या बिना लक्षण वाले मरीज सरकार द्वारा बनाए गए आइसोलेशन सेंटर में ही रहेंगे। होम आइसोलेशन की इजाजत नहीं होगी। उपायुक्त संबंधित क्षेत्र में कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाओं के साथ ऑक्सीजन सिलिंडर की भी व्यवस्था करें ताकि आपातकाल में कुछ गंभीर मरीजों को भी केंद्र पर इलाज मिल सके
31 जिलों में 200 शिक्षकों ने तोड़ा दम
कोरोना महामारी के कारण कर्नाटक के 31 जिलों में अब तक 200 शिक्षकों की मौत हो चुकी है। शिक्षा विभाग के अनुसार, 183 प्राइमरी शिक्षकों और 49 सेकेंडरी स्कूल के शिक्षकों की मौत हुई है। इसके अलावा प्राइवेट स्कूलों के सामान्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की मौत हुई है। शिक्षक एसोसिएशन ने शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रशासनिक ड्यूटी में लगे शिक्षकों को प्राथमिकता से टीका लगाया जाए।
राजस्थान : 17 दिन में 1578 ने तोड़ा दम
कोरोना की दूसरी लहर में राजस्थान में पिछले 17 दिनों में 2,695 लोगों की मौत हुई है। राज्य में अब तक महामारी की से कुल 6,934 लोगों की जान जा चुकी है। राजधानी जयपुर में अब तक सर्वाधिक 1,578 लोगों ने दम तोड़ा है। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य में ब्लैक फंगस का इलाज चिरंजीवी बीमा योजना के तहत होगा। 50,000 ऑक्सीजन कंसट्रेटर का भी आर्डर दिया गया है।