बंगलूरू में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए ब्रुहट बंगलूरू महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों और अपार्टमेंट्स में रहने वाले अत्यंत संवेदनशील समूह को कोविड-19 टेस्ट कराने के लिए कहा है। प्रशासन का कहना है कि ऐसा करने से कोरोना के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।
बंगलूरू मे ढाई लाख से ज्यादा कोरोना के मामले हैं, जिसमें 54,000 मामले सक्रिय हैं। महानगर पालिका ने कहा कि उद्योगों के कर्मचारी और अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों का कोरोना टेस्ट जरूर होना चाहिए। इसके अलावा जो ज्यादा रिस्क पर है उनका भी कोरोना टेस्ट होना चाहिए।
महानगर पालिका की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सभी अपार्टमेंट्स को उन निवासियों की सूची बनाने के लिए कहा गया है जिन्हें पहले से सांस लेने में परेशानी जैसी बीमारी है। कमिश्नर एन मंजूनाथ प्रसाद ने बताया कि बीबीएमपी ने सभी कॉम्पलेक्स को निवासियों की स्क्रीनिंग करने के लिए कहा है लेकिन अपार्टमेंट को विकल्प दिया गया है कि वो उन लोगों का ही टेस्ट कराएं जो ज्यादा जोखिम में हो।
प्रसाद ने कहा कि हमारा लक्ष्य कोरोना वायरस के फैलाव को रोकना है। बीबीएमपी के विशेष कमिश्नर पी राजेंद्र चोलन ने कहा कि सभी जोन पिछले हफ्ते से नए नियमों को लागू कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमने हर जोन में पांच मोबाइल टीम को नियुक्त कर दिया है।
रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ की गई हालिया मुलाकात के दौरान, बीबीएमपी ने उनको कहा कि वो बुजुर्ग और एसएपीआई (SAPI) और आईएलआई (ILI) लक्षण वाले लोगों की सूची तैयार करें और इनका टेस्ट कराएं। उन्होंने कहा कि वो अपार्टमेंट्स में सभी लोगों का टेस्ट नहीं कराएंगे क्योंकि ऐसा करने से प्रयोगशालाओं पर भी कार्यभार बढ़ जाएगा।