डॉ. त्रेहान ने बुधवार को कहा कि संक्रमित मरीज को शुरुआती स्तर पर जब कासिरिविमैब औप इम्डेविमैब की खुराक दी जाती है तो यह वायरस को कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोकता है। उन्होंने कहा कि यह कोविड-19 के खिलाफ काम कर रहा है और यह इस वायरस के नए स्ट्रेन बी.1.617 के खिलाफ भी प्रभावी है।
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उन्होंने ने कहा कि कल (मंगलवार को) विभिन्न बीमारियों से पीड़ित एक 82 वर्षीय मरीज को कोविड कॉकटेल दी गई थी और वह अपने घर चला गया था। हम उस पर नजर रखेंगे। इससे वायरस का बहुगुणन रुकता है, खासकर उन लोगों में जिनमें वायरस लो अधिक होता है और जिन्हें गंभीर संक्रमण का अधिक खतरा होता है।
डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि कोविड कॉकटेल का अमेरिका और यूरोप में बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया है। वहां के अनुभव बताते हैं कि संक्रमण के पहले सात दिनों के अंदर कॉकटेल की खुराक देने पर ऐसे 70 से 80 फीसदी लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जो इलाज के लिए भर्ती होने जा रहे हैं।