कोरोना वायरसः जांच के नमूने लेते कर्मचारी
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दिल्ली में 7 नवंबर को कोरोना के 6953 नए मामले सामने आए। इस दिन हुए 57433 कोरोना जांच में से 12.11 प्रतिशत लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इस दिन कोरोना के कारण 79 लोगों को जान गंवानी पड़ी। पिछले दस दिनों में कोरोना के कारण मरने वालों का अनुपात 0.85 प्रतिशत पर बना हुआ है। इसके पूर्व शुक्रवार को भी राजधानी में कोरोना के 7178 मामले सामने आए थे और इनमें कुल 64 लोगों की जान चली गई थी। इसी प्रकार गुरुवार को 6715 मामले- 66 मौत और बुधवार को 6842 मामले और 51 लोगों की मौत दर्ज की गई थी।
फिर तेजी से भरने लगे आईसीयू के खाली बेड्स
कोरोना के मामले अचानक तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सीधा असर हुआ है कि अस्पतालों में कोरोना के बेड्स एक बार फिर तेजी से भरने लगे हैं। शनिवार को दिल्ली के अस्पतालों में 15904 कुल बेड्स में से 7858 बेड भर चुके हैं। जबकि आठ हजार से ज्यादा बेड्स अभी भी खाली हैं। इसी दौरान कुछ जगहों पर दिल्ली सरकार के कोरोना ऐप और अस्पतालों में आईसीयू बेड्स की संख्या में अंतर बताया जा रहा है। कुछ अस्पतालों पर आरोप हैं कि उन्होंने आईसीयू बेड्स की सही जानकारी एप पर नहीं उपलब्ध करा रखी है। दिल्ली में अभी भी 24 हजार से ज्यादा लोग होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करा रहे हैं।
कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ी
कोरोना के मामले बढ़ने से राजधानी में कंटेनमेंट जोन की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। शनिवार तक राजधानी में कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 3857 तक पहुंच चुकी है। अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले समय में कंटेनमेंट जोन की संख्या और भी बढ़ सकती है।