पश्चिम बंगाल सरकार कोरोना प्रसार को रोकने के लिए बेहद सख्ती बरत रही है। बंगाल सरकार गृह-पृथकवास में रह रहे कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए 17,000 से अधिक चिकित्सकों को नियुक्त करेगी। ममता सरकार ने यह कदम उन खबरों पर संज्ञान लेते हुए उठाया है, जिनमें कहा गया था कि लोग शुरुआती दिक्कतों को अनदेखा कर केवल हालत बिगड़ने पर ही चिकित्सकों से संपर्क कर रहे हैं।एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
97 हजार से अधिक मरीज घर में पृथक
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में 97,613 लोग अपने घरों में पृथकवास में हैं। उन पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियुक्त टेली-कॉलर निगरानी रख रहे हैं। अधिकारियों ने कहा, ''यह पाया गया था कि कई मरीज अपने स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का अनुपालन नहीं कर रहे हैं और केवल हालत बिगड़ने पर ही चिकित्सकों से संपर्क कर रहे हैं। इसलिए हमने गृह-पृथकवास में रह रहे लोगों की निशुल्क सहायता के लिए और चिकित्सकों की नियुक्ति का फैसला किया है।''
ऑनलाइन बैठक में फैसला लिया
राज्य के स्वास्थ्य विभाग, कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों के नगर निगम अधिकारियों और वहां के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधियों के बीच हुई ऑनलाइन बैठक में यह फैसला लिया गया। राज्य सरकार को गृह-पृथकवास में रह रहे मरीजों के लापरवाही बरतने की खबरों के चलते यह फैसला लेना पड़ा है।
आईएमए स्थानीय डॉक्टरों को प्रशिक्षण देना
अधिकारी ने कहा कि आईएमए शनिवार से स्थानीय डॉक्टरों को प्रशिक्षण देना शुरू कर देगा। स्थानीय नगर निकाय एक सूची तैयार करेगा और प्रत्येक डॉक्टर को गृह-पृथकवास में रह रहे एक मरीज या एक परिवार की जिम्मेदारी सौंपा जायेगा और वे उनके स्वास्थ्य पर निगरानी करेंगे।
पहले तीन अब रोजाना चार हजार नए मामले
पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस से अब तक तीन लाख 66 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं इससे 6,725 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार के बुलेटिन में कहा गया कि अभी राज्य में रोज कम से कम 4,000 नए मामले सामने आ रहे हैं। जबकि पहले 3,000 लोग नए सिरे से संक्रमित होते थे।
अब तक 57 चिकित्सकों की मौत
कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई में पश्चिम बंगाल में अग्रिम मोर्चे पर तैनात अधिकारियों की भी जान जा रही है। पिछले सात महीने में 57 डॉक्टरों की मौत की खबर है, जबकि कम से कम 14 सरकारी अधिकारियों की मौत संक्रमण के कारण हो चुकी है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, कूचबिहार के सीतलकुची के प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के पद पर तैनात वांग्डी ग्यालपो भूटिया की शुक्रवार को मौत हो गई।