देश के अधिकांश जिलों में टीकाकरण अभियान बेहद सुस्त है। देश के 58 फीसद जिलों में केवल 10 फीसदी लोगों को ही कोविड वैक्सीन लगाई गई है। वहीं 37 प्रतिशत जिलों में 10 से 20 फीसदी लोगों को कोविड टीका लगाया गया है। कर्नाटक में बीजापुर और असम में दक्षिण सालमारा सबसे कम लोगों का वैक्सीनेशन करने वाले जिलों में शामिल हैं।
कोविन ऐप के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों के कई जिलों ने अपने यहां 10 प्रतिशत से भी कम आबादी का टीकाकरण किया है, जबकि राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केरल के अधिकांश जिलों में आबादी का 10 प्रतिशत से अधिक है।
देश की दो फीसद से भी कम आबादी को लगी वैक्सीन
टीकाकरण करते हुए देश में सौ दिन से ऊपर हो चुके हैं। अभी तक दो फीसद से भी कम आबादी को वैक्सीन की दोनों खुराकें लगाई जा सकी हैं। हर दस में से एक से भी कम को टीके की पहली खुराक दी जा सकी है। टीकाकरण में आज वे देश आगे हैं, जहां यह अभियान पहले शुरू हो गया था। इस्राइल अपनी आधी से अधिक आबादी का टीकाकरण कर चुका है। इसके बाद अमेरिका और ब्रिटेन क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। वहीं कोरोना से दूसरा सबसे संक्रमित देश भारत टीकाकरण के मामले में पांचवें नंबर पर है।
एक मई से टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू हो चुका है। इसमें 18 साल से 44 साल तक के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। यानी अब देश में सभी वयस्कों का टीकाकरण हो रहा है। इस चरण के शुरू होने तक हमारी रफ्तार सुस्त हो चली है। 10 से 20 अप्रैल के बीच देश में कुल 2.85 करोड़ टीके लगाए गए जबकि इसके पहले के दस दिनों में लगाए गए टीकों की संख्या 3.85 करोड़ थी।