भगवान कृष्ण को जन्म तो दिया था माता देवकी ने लेकिन उन्हें मातृत्व की छांव मिली माता यशोदा की। वैश्विक महामारी में हम ऐसी ही एक कहानी से रूबरू हुए हैं, जहां दो माताएं एक-दूसरे के बच्चों के लिए यशोदा बन गईं।
मामला सिक्किम राज्य का है। कोरोना का प्रकोप इस राज्य में सबसे आखिरी में पहुंचा। यहां एक रोचक मामला सामने आया। अपने बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए यहां दो माओं ने एक अनूठा तरीका निकाला और बच्चे बदल लिए।
दरअसल, हुआ यूं कि एक महिला का 27 महीने का बच्चा कोरोना संक्रमित हो गया। हालांकि महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आई। यह बच्चा राज्य में कोरोना संक्रमित होने वाला सबसे कम उम्र का मरीज है। संक्रमण के चलते इस मासूम को मां से अलग रखना जरूरी हो गया था, लेकिन इतने छोटे बच्चे को अकेले रखना काफी मुश्किल था।
वहीं एक अन्य महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, लेकिन उसके छह साल का बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ था। संक्रमण से एक दूसरे के बच्चे को बचाने की खातिर कुछ समय के लिए मांओं ने बच्चे आपस में बदल लिए हैं। अब संक्रमित बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी कोरोना पॉजिटिव महिला को मिली है। दूसरी तरफ कोरोना पॉजिटिव महिला के नेगेटिव बच्चे को दूसरी महिला संभाल रही है।
इस तरीके से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा रहा है। संक्रमित महिला और बच्चा एक साथ हैं और दोनों साथ ठीक हो रहे हैं। दूसरी तरफ संक्रमण से बची महिला दूसरे बच्चे का देखभाल कर रही है। गैर संक्रमित महिला और बच्चे को भी क्वारंटीन में रखा गया है।