याचिकाकर्ता सचिन जैन ने कहा था कि कोरोना वैश्विक महामारी है और निजी अस्पताल इलाज के नाम पर मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। ये अस्पताल 20-25 लाख तक वसूल रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा, इसके लिए आपको संबंधित राज्य के हाईकोर्ट जाना चाहिए। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि कई बातें हैं। हम नहीं जानते कि कब तक महामारी चलेगी। अगर छह महीने और चली तो अलग मॉडल होगा।
गुजरात मॉडल अच्छा, पर महाराष्ट्र में बेअसर
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम इस बात से सहमत हैं कि इलाज खर्च ज्यादा नहीं होना चाहिए, लेकिन हर राज्य के खर्च के मॉडल अलग-अलग हैं। गुजरात मॉडल काफी उपयुक्त है, लेकिन महाराष्ट्र में नहीं चल रहा। हम इस बात पर कुछ नहीं कह सकते कि कौन सा मॉडल सर्वश्रेष्ठ है। हमें बताया गया है कि गरीब वर्ग को आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज दिया जा रहा है।