स्वास्थ्य मंत्रालय व गृह मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस में आज कोरोना वायरस को लेकर नई जानकारियां दीं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले
24 घंटे में 564 लोग ठीक हुए हैं, रिकवरी रेट 25.37 पहुंच गया है। वहीं, गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राज्यों में फंसे लोगों को लेकर अहम जानकारी दी।
गृह मंत्रालय ने कहा
- गृह मंत्रालय ने आज दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों को जाने की इजाजत दी है।
- इन्हें रेलगाड़ियों से भी जाने की इजाजत दी गई है।
- राज्य व रेलवे बोर्ड इस दिशा में कार्य कर रहे हैं।
- मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि ट्रकों, सामान ले जाने वाले वाहनों, खाली ट्रकों आदि के लिए किसी अलग पास की जरूरत नहीं होगी।
हमारे सुरक्षाबल भी कोरोना वायरस से निपटने में मदद दे रहे हैं।
- पाकिस्तान से लगती सीमा पर जो किसान फसल काटने जा रहे हैं, उनके सैनिटाइजेशन में बीएसएफ ने मदद की है।
- आईटीबीपी ने देश का पहला क्वारंटीन सेंटर स्थापित किया था।
- ग्रीन जोन इलाके में कब सामान्य आवाजाही शुरू होगी, इस पर गाइडलाइंस का इंतजार करें।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा
- 24 घंटे में 564 लोग ठीक हुए हैं, रिकवरी रेट 25.37 हुआ।
- पिछले 24 घंटे में 1993 नए केस सामने आए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 35,043 पहुंची।
जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है।
- जितने भी केस आए हैं उनके और कांटेक्ट को मैप किया जाए।
- जैसे-जैसे रिकवरी रेट बढ़ रहा है, सैंपल आ रहे हैं, उसके मुताबिक ही रेड, ऑरेंज जोन तय किए जा रहे हैं।
- देखा जा रहा है कि किस तरह से टेस्ट हो रहे हैं, हमारी टीम का क्या फीडबैक है, वहां की आबादी किस तरह की है।
- अगर 21 दिन तक किसी जिले में कोई केस नहीं आता तो उसे ग्रीन जोन में ला सकते हैं।
- अगर कोई केस मिलता है तो हमें उसे आगे बढ़ने से रोकना है।
- चुनौती है कि जहां भी मामले आए हैं बिना कोताही के वहां हालात को संभाला जाए।
- मुंबई में प्लाज्मा थेरेपी दिए जाने के बाद मरीजी की मौत पर अग्रवाल ने कहा- हमने पहले ही कहा था कि कोविड-19 की अभी तक कोई कन्फर्म थेरेपी नहीं है, चाहे वह प्लाज्मा थेरेपी ही क्यों ना हो।
- अभी ये ट्रायल के दौर में है और इसे रिसर्च और ट्रायल के तौर पर ही लेना चाहिए।
एम्पावर्ड ग्रुप 3 के चेयरमैन पीडी वाघेला ने कहा
- अभी 75 हजार वेंटीलेटर की जरूरत है।
- कुल 19,398 वेंटीलेटर इस वक्त उपलब्ध हैं।
- कुल 60,884 वेंटीलेटर का ऑर्डर दिया गया है।
- इसमें भी हम मेक इन इंडिया कांसेप्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- दो महीने में हमें एक करोड़ 40 लाख मास्क मिलेंगे।
- अप्रैल में 30 करोड़ हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट उपलब्ध हैं, मार्केट में कुल 9 करोड़ टैबलेट दिए गए हैं। इसका उत्पादन हमने बढ़ाया है।
- 35 लाख आरटी-पीसीआर (RT-PCR) किट की मांग है, आईसीएमआर ने 21.35 लाख किट के लिए ऑर्डर दिया है।
- हमें अब तक 13.75 लाख किट मिले हैं।
- चार लाख से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं, एक लाख से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडरों के ऑर्डर दिए गए हैं।
- औद्योगिक ऑक्सीजन को मेडिकल ऑक्सीजन में भी परिवर्तित किया जा रहा है।
(मरीजों के आंकड़े शाम चार बजे तक के हैं)