भारत कोरोना संक्रमण के मामले अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर हैं। कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में पूरा देश आ चुका है। कोरोना संक्रमण ने बीते साल के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए हर रोज नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। पिछले साल अगस्त में जिस तरह से अस्पतालों में मरीजों की संख्या पहुंच रही थी। वैसी ही स्थिति इस साल अप्रैल में दिख रही है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते फैलाव को देखते हुए शुक्रवार को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन की बैठक की थी।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि वर्तमान में अस्पतालों में 4.5% मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। वहीं 2.3% मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। जबकि 0.4% केस वेंटिलेटर पर हैं। जबकि पिछले साल अगस्त के मध्य में 2.4% सक्रिय मामले ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। आईसीयू में 1.8% मरीज और 0.2% वेंटिलेटर पर थे।
149 जिलों में एक भी मामला नहीं
पिछले कुछ सप्ताह में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। भारत में कोरोना के सक्रिय मामले गुरुवार को 9.8 लाख तक पहुंच गए हैं। जबकि पिछले साल 13 अगस्त 2020 में यह आंकड़ा 6.5 लाख तक था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है। डॉ हर्षवर्धन के मुताबिक 149 जिलों में पिछले सात दिनों में एक भी मामला नहीं सामने आया है।