देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 1823 नए मामले सामने आए हैं और 67 लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 33,610 हो गई है, जिसमें 24,162 सक्रिय हैं, 8373 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 1075 लोगों की मौत हो चुकी है। जानिए दिनभर की पांच बड़ी खबरें...
प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना मरीजों में दिखे सुधार के लक्षण
कोविड-19 के इलाज की सफल तकनीक के अभाव में प्लाज्मा थेरेपी को ट्रायल के तौर पर कोरोना मरीजों पर आजमाया जा रहा है। इसकी पूर्ण सफलता पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भी संदेह है। लेकिन अब तक के अनुभव बता रहे हैं कि प्लाज्मा थेरेपी कई मरीजों पर काफी कारगर साबित हो रही है।
कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में 'आर या पार' वाला महीना साबित हो सकता है मई
भारत में तीन मई को लॉकडाउन की अवधि समाप्त हो रही है। जैसे-जैसे यह तारीख नजदीक आ रही है, चिकित्सा विशेषज्ञ महसूस कर रहे हैं कि अगला महीना यानी मई कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग में 'आर या पार' वाला महीना साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ राहतें देने के साथ-साथ हॉटस्पॉट इलाकों में आक्रामक कंटेनमेंट नीति बनाने की बहुत जरूरत है।
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24 घंटे में 630 लोग ठीक हुए, कुल रिकवरी रेट 25 फीसदी
स्वास्थ्य मंत्रालय व गृह मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस में आज कोरोना वायरस को लेकर नई जानकारियां दीं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि 24 घंटे में 630 लोग ठीक हुए हैं और कुल रिकवरी रेट 25.19 फीसदी है।
केंद्र सरकार की तरफ से लागू किया गया लॉकडाउन 2.0 तीन मई को खत्म हो जाएगा। गृह मंत्रालय के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, चार मई से थोड़ी बंदिशों वाली ज्यादा आजादी लेने के लिए तैयार हो जाएं। देश के पांच सौ से अधिक जिलों में ट्रांसपोर्ट, स्कूल-कालेज और सिनेमा आदि को छोड़कर बाकी अन्य क्षेत्रों में कुछ सावधानियों के साथ पूर्ण राहत मिल सकती है।
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क्या 3 मई को खत्म हो जाएगा लॉकडाउन, कितना तैयार है हिंदुस्तान
पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण के 30 लाख से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। दो लाख से ज्यादा लोग काल के गाल में समां गए। भारत में भी हालात चिंताजनक है। 31 हजार से ज्यादा मामलों में एक हजार लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं। दूसरे देशों की ही तरह भारत सरकार को संक्रमण रोकने का जो रास्ता सबसे बेहतर दिख रहा है वह है लॉकडाउन, लेकिन इसने जिंदगी और अर्थव्यवस्था का पहिया रोक दिया।