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कोविड-19: बीएसएफ, आईटीबीपी ने पाक, बांग्लादेश, चीन सीमाओं पर बटालियनों की अदला-बदली टाली

Sun, 03 May 2020 07:48 PM IST
Rohit Ojha न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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New battalion of BSF to deployed
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पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन से लगती सीमाओं पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बटालियन की अदला-बदली को कोरोना वायरस महामारी के चलते अगले वर्ष मार्च तक के लिए टाल दिया गया है। यह जानकारी दोनों बलों के शीर्ष कमांडर ने दी।

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दोनों बलों के महानिदेशक सुरजीत सिंह देसवाल ने बताया कि जुलाई के बाद प्रकोप की स्थिति के आकलन के उपरांत ही इन तीन महत्वपूर्ण भारतीय सीमाओं पर अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में तैनात बटालियनों की अदला-बदली की जाएगी।

उन्होंने कहा कि हमने बीएसएफ और आईटीबीपी में सभी बटालियनों की वार्षिक अदला-बदली को अगले साल 31 मार्च तक के लिए टाल दिया है। भारतीय पुलिस सेवा के हरियाणा काडर के 1984 बैच के अधिकारी देसवाल अतिरिक्त प्रभार के तौर पर बीएसएफ प्रमुख की भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
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उन्होंने बीएसएफ के बारे में कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगती सीमा पर 12 बटालियन की अदला-बदली की जानी थी, लेकिन यदि जुलाई के बाद स्थिति में सुधार होता है तो अधिक ऊंचाई और खराब मौसम वाली स्थिति में तैनात केवल चार इकाइयों की ही अदला-बदली की जाएगी।

अर्धसैनिक बल बीएसएफ 4,096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा और पाकिस्तान के साथ लगती 2,280 किलोमीटर की सीमा की रक्षा करता है। दोनों सीमाओं पर स्थिति के बारे में पूछे जाने पर देसवाल ने कहा कि बल सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

उन्होंने पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के बारे में कहा कि अब तक आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ की कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन हम बहुत सतर्क हैं और इस तरह के किसी भी प्रयास से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सुनिश्चित करेंगे कि भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के किसी भी हिस्से पर घुसपैठ की सभी कोशिशों को नाकाम कर दिया जाए।

चीन के साथ लगती 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बटालियनों की वार्षिक अदला-बदली के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पर्वतीय-युद्ध कौशल में प्रशिक्षित बल में इसके लिए सैनिकों की संख्या कम है।

देसवाल ने कहा कि कि आईटीबीपी की दो बटालियनें दुर्गम क्षेत्रों में तैनात हैं और उनकी अदला- बदली के बारे में जुलाई के बाद फैसला किया जाएगा। दोनों बलों में प्रचलित प्रथा के अनुसार सीमा बटालियन (1,000 से अधिक जवानों वाली) की हर तीन साल में अदला-बदली की जाती है जबकि दुर्गम क्षेत्रों में तैनात बटालियन की अदला-बदली प्रत्येक दो साल बाद की जाती है। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए तैनात आईटीबीपी की दो बटालियनों की अदला-बदली भी इस साल टाल दी गई है।

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