कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ पहला स्वदेशी टीका कोवाक्सिन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने गुरुवार को एलान किया कि बच्चों के मामले में उसके बीबीवी152 (कोवाक्सिन) टीका दूसरे और तीसरे चरण के अध्ययन में सुरक्षित और बेहतर प्रतिरक्षा उपलब्ध कराने वाला साबित हुआ है।
कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि इसने दो से 18 साल की आयु के स्वस्थ बच्चों और किशोरों में कोवाक्सिन से संबंधित सुरक्षा, प्रतिक्रिया और प्रतिरक्षण क्षमता का आकलन करने के लिए दूसरे और तीसरे चरण का बहुकेंद्रीय अध्ययन किया था। कंपनी ने इस डाटा को उत्साजनक बताया है।
बच्चों में सुरक्षा व प्रतिरक्षा को लेकर बेहतर साबित हुआ टीका
भारत बायोटेक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक कृष्णा एला ने कहा कि बच्चों में कोवाक्सिन का चिकित्सकीय परीक्षण का डाटा बहुत उत्साहजनक है। उन्होंने आगे कहा कि हमें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि यह टीका बच्चों में सुरक्षा और प्रतिरक्षा क्षमता के लिहाज से बेहतर साबित हुआ है।
हमने कोरोना टीके को लेकर अपना लक्ष्य हासिल किया: कृष्णा
कृष्णा एला ने कहा कि हमने अब वयस्कों और बच्चों के लिए एक प्रभावी और सुरक्षित कोरोना रोधी टीका विकसित करने का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि इन टीके के चिकित्सकीय परीक्षणों के दौरान किसी तरह की गंभीर प्रतिकूल घटना की जानकारी नहीं मिली।
बच्चों को लगाई जानी है केवल कोवाक्सिन टीके की ही खुराक
बता दें कि भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने बीते दिनों 12 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए कोरोना टीके की अनुमति दे दी ती। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बच्चों के टीकाकरण को लेकर दिशानिर्देशों के अनुसार बच्चों को केवल कोवाक्सिन टीके की खुराक दी लगाई जाएगी।