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कोर्ट का हस्तक्षेप या चर्चा: विश्वभारती ने अमर्त्य सेन को जमीन के मुद्दे को निपटाने के लिए दिए दो विकल्प

Mon, 30 Jan 2023 02:50 AM IST
वीरेंद्र शर्मा पीटीआई, कोलकाता

सार

विश्वविद्यालय ने पिछले सप्ताह तीन दिनों के भीतर सेन को दो पत्र भेजे, जिसमें शांति निकेतन परिसर में कथित रूप से अनधिकृत तरीके से कब्जा की गई 0.13 एकड़ भूमि को तुरंत सौंपने के लिए कहा।
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अमर्त्य सेन
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विस्तार
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विश्व भारती की जमीन पर अनधिकृत कब्जे के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को दो विकल्प दिए हैं। प्रशासन ने कहा कि इस मामले पर चर्चा करें या इस मुद्दे को अदालत में सुलझाया जाएगा।
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केंद्रीय विश्वविद्यालय ने बयान जारी कर कहा कि वह तथ्यों को रिकॉर्ड पर रख रहा है और सेन से अनुरोध करता है कि वह करें जो उनके आत्मसम्मान और विश्वभारती की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए किया जाना आवश्यक है। बयान में कहा गया है, दो विकल्प खुले हैं, अदालत के हस्तक्षेप या विश्वभारती प्राधिकरण के साथ चर्चा के माध्यम से साफ हो जाएगा।

प्रशासन ने तीन दिन में सेन को भेजे दो पत्र 
विश्वविद्यालय ने पिछले सप्ताह तीन दिनों के भीतर सेन को दो पत्र भेजे, जिसमें शांति निकेतन परिसर में कथित रूप से अनधिकृत तरीके से कब्जा की गई 0.13 एकड़ भूमि को तुरंत सौंपने के लिए कहा। रविवार के बयान में पहले किए गए दावों को दोहराया गया कि सेन के पास 1.38 एकड़ जमीन है, जो उनकी 1.25 एकड़ की कानूनी हकदारी से अधिक है। बयान में कहा गया है, हमने उनसे अतिरिक्त भूमि सौंपने का अनुरोध किया है और उन्हें अपने सर्वेक्षक/अधिवक्ता की उपस्थिति में एक संयुक्त सर्वेक्षण का अवसर भी दिया है।
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पिता ने खरीदी जमीन: सेन
सेन ने कहा कि शांतिनिकेतन में उनके पास जो जमीन है, अधिकांश को उनके पिता ने बाजार से खरीदी थी जबकि कुछ अन्य भूखंड पट्टे पर लिए थे। बयान में कहा गया है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कब्जे वाली 1134 एकड़ जमीन में से 77 एकड़ जमीन पर 2018 तक कब्जा कर लिया गया था।

विश्वभारती को किया गया था राष्ट्रीय संस्थान घोषित
1921 में पहले गैर-यूरोपीय नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित, विश्वभारती को 1951 में संसद के एक अधिनियम द्वारा एक केंद्रीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया था।
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