हाईकोर्ट में गंभीर आपराधिक मुकदमे में निचली अदालत से मंगाए गए दस्तावेज और अपील की फाइल गायब होने से हड़कंप है। हाईकोर्ट रजिस्ट्री के प्रयास करने के बाद भी फाइल का कुछ पता नहीं चला। इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं। कोर्ट ने हाईकोर्ट रजिस्ट्री से फाइल गायब होने को काफी गंभीर मामला माना है।
गत सप्ताह ही कोर्ट ने इसी प्रकार से शासकीय अधिवक्ता कार्यालय से गायब मुकदमों की फाइलों की जांच सीबीआई को सौंपी है। अब हाईकोर्ट से भी फाइलें गायब होने की जानकारी ने इस मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। अलीगढ़ के बलदेव राजबीर को हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 1984 में उसने निचली अदालत के निर्णय को अपील दाखिल कर चुनौती दी थी।
अपील पर सुनवाई प्रारंभ हुई तो पता चला कि निचली अदालत से मंगाए गए मूल दस्तावेज और अपील हाईकोर्ट के रिकार्ड से गायब हैं। याची के अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने 12 जुलाई 2016 को मूल रिकार्ड की नकल हाईकोर्ट से निकलवाई थी।
इसके बाद फाइल पुन: क्रिमिनल अपील सेक्शन को भेजी गई। इसके बाद से ही फाइल गुम है। न्यायमूर्ति एके त्रिपाठी और न्यायमूर्ति मुख्तार अहमद की पीठ ने महानिबंधक को मामले की जांच का आदेश दिया। महानिबंधक ने रिपोर्ट दी कि हर संभव प्रयास करने के बावजूद फाइल का कुछ पता नहीं चल सका है।