पोल के वकील नितिन सतपुते ने कहा, ‘हालांकि, आज तक पुलिस ने इसका जवाब नहीं दिया। हमें बाद में, मीडिया से पता चला कि हमारे आवेदनों को खारिज कर दिया गया है। इसलिए, यह याचिका दायर की गई है और हमें जनसभा करने की अनुमति देने के लिए पुणे पुलिस को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।’
याचिका में दावा किया गया कि आजाद और भीम आर्मी के मुंबई इकाई प्रमुख अशोक कांबली को मुंबई पुलिस ने नजरबंद कर दिया है ताकि वह पुणे नहीं जा पाएं। पुणे पुलिस की ओर से पेश वकील ने न्यायमूर्ति भदांग को सोमवार को बताया कि आजाद को कभी भी न हिरासत में लिया गया और न ही नजरबंद किया गया।
उच्च न्यायालय ने कोई भी अंतरिम आदेश देने से इनकार करते हुए पुलिस को हलफनामा दायर करने को कहा। इसके अलावा याचिका पर सुनवाई की तारीख चार जनवरी तय कर दी।