मुंबई की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय को 4,300 करोड़ रुपये के पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक घोटाले के आरोपी एचडीआईएल प्रमोटर राकेश वधावन के आवास के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति दे दी।
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम मामलों की विशेष अदालत ने कहा कि वधावन मामले के मुख्य आरोपियों में से एक हैं और अगर ईडी की याचिका स्वीकार कर ली गई तो उन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
हाल ही में मिली थी तीन महीने की जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में वधावन को मेडिकल आधार पर तीन महीने की जमानत दी थी। विशेष न्यायाधीश एमजी देशपांडे के समक्ष दायर याचिका में ईडी ने कहा कि जमानत पर बाहर रहने के दौरान वधावन सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं और अज्ञात संपत्ति का निपटान कर सकते हैं, इसलिए उसे उपनगरीय बांद्रा में उनके आवास के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति दी जाए।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वधावन ऐसे मामले में मुख्य आरोपियों में से एक हैं, जहां अपराध से प्राप्त रकम बहुत बड़ी है और जांच अभी भी जारी है। कोर्ट ने कहा, इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए कि वधावन सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई स्वतंत्रता का दुरुपयोग न करें।
यस बैंक घोटाले में फंसे हैं वधावन
बता दें कि राकेश वधावन 4300 करोड़ रुपये के पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉपरेटिव (PMC) बैंक घोटाले में भी फंसे हैं। राकेश और सारंग वधावन के खिलाफ सीबीआई ने अक्तूबर 2020 में 200 करोड़ रुपये के यस बैंक घोटाले में एफआईआर दर्ज की थी। ईडी द्वारा पीएमसी बैंक घोटाले में भी दोनों से पूछताछ की जा रही है।