तेलंगाना के हैदराबाद में रहने वाले पराकुनशम वेनु स्वामी ज्योतिषी का काम करते हैं। इस वक्त वह काफी व्यस्त चल रहे हैं। शादी से संबंधित काम के लिए आने वाले लोगों के अलावा उनके पास बीते कुछ दिनों में 10 शादीशुदा दंपत्ति भी आ चुके हैं। ये दंपत्ति चाहते हैं कि उनका बच्चा भी 14 फरवरी को ही पैदा हो। यानि वैलेंटाइन डे पर।
बीते कुछ दिनों से स्त्रीरोग विशेषज्ञों के पास भी लोग इसी अनुरोध के साथ आ रहे हैं। लेकिन अगर बच्चे के जन्म लेने में काफी समय बचता है तो वह दंपत्ति को वापस भेज रहे हैं। स्वामी का कहना है, "दंपत्ति मेरे पास आकर कहते हैं कि वह वैलेंटाइन डे पर ही डिलीवरी चाहते हैं क्योंकि बच्चा उनके प्यार का प्रतीक होगा। मैं उन्हें सही समय बता देता हूं, लेकिन फैसला उन्हें ही लेना होगा।"
इस बार वैलेंटाइन डे पर शुभ मुहर्रत सुबह 10.30 बजे से दोपहर तक का है। सुबह 9 बजे से पहले भी अच्छा समय है। स्त्री रोग विशेषज्ञों ने ऐसे जोड़ों को गर्भावस्था के 38 सप्ताह से पहले डिलीवरी के खिलाफ चेतावनी दी है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय ठीक भी है लेकिन नॉर्मल डिलीवरी नहीं हो पा रही है तो सिजेरियन ही एक रास्ता बचता है।
डॉक्टरों का कहना था कि पहले दंपत्ति एक जनवरी को बच्चे की डिलीवरी की चाह रखते थे लेकिन अब वैलेंटाइन पर भी डिलीवरी की चाह रखने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। महिलाएं बेहद कम हैं जो वैलेंटाइन पर बच्चा जाती है, अधिकतर पुरुष ही ऐसे हैं जो इस दिन बच्चे की चाह रखते हैं। डॉक्टर लोगों को सही समय पर ही डिलीवरी की सलाह दे रहे हैं।