नोट बंदी के फैसले के बाद हुए 6 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में लोकसभा की 4 और विधानसभा की 8 सीटों पर हुए उपचुनाव में सरकार और विपक्ष के बीच मुकाबला बराबरी पर छूटा है। सभी दल अपनी सीटें बचाने में कामयाब रहे हैं। भाजपा लोकसभा की अपने हिस्से की दोनों सीटें और विधानसभा की एक सीट बचाने में कामयाब रही। पार्टी का अरुणाचल प्रदेश के हयुलिंग सीट पर पूर्व सीएम कालिखोपुल की पत्नी को चुनाव लड़ाने का फैसला सही साबित हुआ।
पश्चिम बंगाल में टीएमसी लोकसभा की दो और विधानसभा की एक सीट अपने पास कायम रखने में कामयाब रही। माकपा, कांग्रेस और अन्नाद्रमुक भी अपनी अपनी सीटें बचाने में कामयाब रही। दरअसल नोट बंदी के फैसले के बाद हुए इस उपचुनाव को जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि सभी दलों का अपना अपना किला बचाने में कामयाब रहने के कारण इस फैसले पर किसी तरह का सियासी संदेश सामने नहीं आ पाया।
भाजपा मध्यप्रदेश की शहडोल लोकसभा, नेपानगर विधानसभा , असम की लखीमपुर लोकसभा सीट के अलावा अरुणाचल प्रदेश की हयुलिंग सीट जीतने में कामयाब रही। त्रिपुरा की दो विधानसभा सीटों बरजाला और खोवाई सीट पर माकपा ने फिर से जीत दर्ज की। पुडुचेरी में कांग्रेस के मुख्यमंत्री वी नाराणसामी ने बाजी मारी। टीएमसी ने तमलुक और कूचबिहार लोकसभा और मोंटेश्वर विधानसभा सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। तमिलनाडु की तंजावुर और तिरुप्पराकुंद्रम सीट पर सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने फिर से जीत हासिल की।
किसने कहां से दर्ज की जीत
-मध्य प्रदेशः नेपानगर विधानसभा सीट बीजेपी की मंजू दादू ने 40600 वोटों से जीती। शहडोल लोकसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार ज्ञान सिंह ने जीत हासिल की है।
-त्रिपुरा में बरजाला और खोवाई सीट पर सीपीआईएम की जीत।
-पुडुचेरी कांग्रेस ने जीती नेल्लीथोपु विधानसभा सीट. सीएम वी. नारायणसामी ने AIADMK के उम्मीदवार को 11,144 वोटों से हराया।
-पश्चिम बंगाल की तामलुक लोकसभा सीट टीएमसी उम्मीदवार दिव्येंदु अधिकारी ने 4,97,528 वोटों से जीती।
-तमिलनाडुः तंजावुर सीट AIADMK उम्मीदवार ने 6,483 वोटों से जीती।
-अरुणाचल प्रदेशः हयुलिंग सीट से बीजेपी की उम्मीदवार दसांगलू पुल ने 1004 वोटों से जीत हासिल की है। दसांगलू पुल अरुणाचल प्रदेश के पूर्व सीएम कलिखो पुल की पत्नी हैं, जिन्होंने इस साल खुदकुशी कर ली थी।