देश के पांच राज्यों में सात विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे आ चुके हैं। सात सीटों में से चार पर भाजपा की जीत हुई है। वहीं महाराष्ट्र में एनसीपी की जीत हुई, जो एनडीए के साथ है। और दो सीटों पर कांग्रेस को जीत हासिल हुई है।
किस सीट पर कौन जीता?
- कर्नाटक की बागलकोट सीट पर कांग्रेस के उमेश हुल्लप्पा मेती को 22332 वोटों से जीत मिली है।
- नागालैंड की कोरिडांग सीट पर भाजपा के दाओचियर इमचेन ने 3123 वोटों से जीत दर्ज की है।
- वहीं त्रिपुरा की धर्मनगर सीट पर भाजपा के जहर चक्रवर्ती 18290 वोटों से विजयी हुए हैं।
- इसके साथ ही गुजरात की उमरेठ सीट पर भाजपा के हर्षदभाई गोविंदभाई परमार को 30743 वोटों से जीत मिली है।
- महाराष्ट्र के राहुरी सीट पर भाजपा के अक्षय शिवाजीराव कर्दिले ने 112587 वोटों से जीत हासिल की।
- कर्नाटक दावणगेरे साउथ सीट पर कांग्रेस के समार्थ शमनूर मल्लिकार्जुन ने 5708 वोटों से जीत हासिल की है।
सुनेत्रा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की
महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव में सुनेत्रा अजित पवार ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए राजनीति में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। एनसीपी (अजित पवार गुट) की उम्मीदवार सुनेत्रा पवार ने 2,18,930 वोटों के विशाल अंतर से जीत हासिल की, जो भारत के किसी भी विधानसभा चुनाव में अब तक का सबसे बड़ा जीत का अंतर माना जा रहा है।
मतगणना के 24वें राउंड के अंत तक तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई थी, जहां सुनेत्रा पवार के पक्ष में जबरदस्त जनसमर्थन देखने को मिला। इस चुनाव में कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन कोई भी प्रतिद्वंद्वी 1,000 वोट का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका। करुणा मुंडे को 125 और अभिजीत बिचुकले को 121 वोट मिले।
बना नया रिकॉर्ड
यह जीत पहले सुनील कुमार शर्मा द्वारा 2022 में बनाए गए 2,14,835 वोटों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ गई। चुनाव में सुनेत्रा पवार के समर्थन में व्यापक लामबंदी देखने को मिली। उनके बेटों जय पवार और पार्थ पवार की अपीलों के साथ विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों का समर्थन भी उन्हें मिला।
जीत के बाद पार्थ पवार ने कहा कि यह जनादेश अभूतपूर्व है, लेकिन परिस्थितियां ऐसी हैं कि यह जश्न का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद वे जनता की समस्याओं को सुनने के लिए बैठकें करेंगे। वहीं सुनेत्रा ने अपनी जीत को अपने दिवंगत पति अजित पवार को समर्पित करते हुए समर्थकों से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह जीत दादा के सपनों के बारामती को साकार करने की दिशा में एक नई शुरुआत है।