पश्चिम बंगाल के 20 जिलों में हुए पंचायत चुनावों के लिए गुरुवार को हो रही मतगणना के रुझानों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को भारी बढ़त मिलती दिख रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 6852, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 393 और लेफ्ट पार्टियां 169 सीटों पर आगे चल रही हैं।
सुरक्षाबलों का लाठीचार्ज
बीरभूम जिले में सुरक्षाबलों ने टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठीचार्ज किया। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता बीरभूम में एक मतगणना केंद्र के बाहर आपस में भीड़ गए थे। हालात बेकाबू होते देख सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तीतर-बीतर कर दिया।
गड़बड़ियों का खुलासा
वहीं मतगणना शुरू होने के साथ ही गड़बड़ियों का खुलासा होने लगा है। जलपाईगुड़ी में पॉलिटेक्निक संस्थान स्थित काउंटिंग सेंटर से पुलिस ने 40 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
चुनाव के दौरान कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं हुई थीं। इसी वजह से ऐतिहातन चुनाव आयोग ने मतगणना स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे हैं। आयोग को जिन स्थलों पर हिंसा की सूचनाएं मिली थीं वहां पर बुधवार को छिटपुट हिंसा के बाद दोबारा मतदान करवाए गए। आयोग के अनुसार 70 फीसदी मतदान हुए।
हुगली में 10, पश्चिम मिदनापुर में 28, कूचबिहार में 52, मुर्शिदाबाद में 63, नदिया में 60, उत्तरी 24 परगना में 59, मालदा में 55, उत्तर दिनाजपुर में 73 और दक्षिण 24 परगना में 26 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराए गए थे। मतगणना के बीच पुलिस ने जलपाईगुड़ी जिले के पॉलीटैक्निक इंस्टीट्यूट से 40 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मतगणना केंद्रो के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में 14 मई को हुए पंचायत चुनावों में काफी बड़े पैमाने पर
हिंसा की घटनाएं हुई थीं। जिसमें 12 लोगों की जान चली गई थी और 43 अन्य घायल हो गये थे। हिंसा के दौरान मुख्य मतदान केंद्रों को निशाना बनाया गया था। कई जगहों पर भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। तो कहीं-कहीं पर भाजपा और कांग्रेस समर्थक आपस में भिड़ गए।
बुधवार को
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हिंसा के ब्यौरे को अधूरा बताते हुए ममता सरकार से दूसरी रिपोर्ट भेजने के लिए कहा। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में सोमवार को हुए चुनाव में भारी हिंसा के बाद रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया था। इसके दो दिन बाद ही यह संदेश भेजा गया था।