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Cough Syrup Row: मिलावटी कफ सिरप पर सख्ती, 850 कंपनियों को दिए नोटिस; दस महीने में की गई 1250 कंपनियों की जांच

Tue, 24 Feb 2026 04:21 AM IST
शिवम गर्ग एजेंसी, मुंबई

सार

केंद्रीय औषधि नियामक संगठन ने देश में कफ सिरप की गुणवत्ता पर सख्त कार्रवाई की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दवाओं की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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कफ सिरप (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश में कफ सिरप की गुणवत्ता को लेकर सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 फीसदी घरेलू कंपनियों के खिलाफ जांच की है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने दस महीनों तक चली जांच पूरी कर ली है। इस दौरान करीब 850 कंपनियों को सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई (सीएपीए) के नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि, अब तक किसी से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

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ग्लोबल फार्मास्युटिकल क्वालिटी समिट के 11वें संस्करण में औषधि महानियंत्रक भारत (डीसीजीआई) राजीव सिंह रघुवंशी ने बताया, देश में करीब 1,300 कफ सिरप निर्माता हैं, जिनमें से अब तक 1,250 इकाइयों का स्थल पर जाकर निरीक्षण किया जा चुका है। जहां गंभीर अनियमितताएं मिलीं, वहां कड़ी कार्रवाई की गई है। रघुवंशी ने स्पष्ट किया कि दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कुछ महीनों में इस क्षेत्र में गड़बड़ियों पर नियंत्रण कर लिया जाएगा। बता दें कि अक्तूबर में तमिलनाडु की कंपनी के दूषित कफ सिरप से 24 बच्चों की जान चली गई थी। 2022 से अब तक अफ्रीका व मध्य एशिया में भारत में बने कफ सिरप से जुड़े मामलों में 140 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है।

नियमों का हो रहा था खुला उल्लंघन
जांच में सामने आया कि कई कंपनियों ने उत्तम निर्माण प्रक्रिया (जीएमपी) के नियमों का पालन नहीं किया। गुणवत्ता नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा था। कंपनियां कच्चे पदार्थों की गुणवत्ता की जांच नहीं करती हैं। अमान्य और असुरक्षित उत्पादन विधियां अपनाती हैं।
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अमेरिकी मानकों जैसी व्यवस्था की तैयारी  
केंद्रीय औषधि नियामक संस्था अब अमेरिका की औषधि एवं खाद्य प्रशासन संस्था (एफडीए) के जैसे मानकों की तैयारी में है। इसके लिए लगभग 1,500 नए पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से दवा आवेदनों की जांच होगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को परामर्शदाता के रूप में जोड़ा जाएगा। वहीं, अमेरिका, यूरोप, जापान, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा को दवाओं के निर्यात के लिए अब अनापत्ति प्रमाण पत्र की बाध्यता समाप्त कर दी गई है।

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