कैबिनेट सचिव राजीव गौबा का सेक्रेटेरिएट भी लगातार कोविड-19 से जंग की मुहिम में मंत्रालय, विभागों, राज्यों से रिपोर्ट लेने में जुटा है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि प्रधानमंत्री का भोजन व्यवहार भी बहुत संतुलित हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय में मीडिया और उससे जुड़े कामों का जिम्मा हीरेन जोशी की टीम के पास है। जोशी काफी समय से प्रधानमंत्री के साथ जुड़े हैं। हीरेन सोशल मीडिया के भी एक्सपर्ट हैं और उनको पता रहता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय से कितनी सूचना और किस वाल्यूम मे बाहर जानी चाहिए।
मोदी सरकार की दूसरी पारी में प्रधानमंत्री कार्यालय की टीम में बदलाव भी हुआ है। अब प्रेस इंफार्मेशन ब्यूरो से रवि रामाकृष्णा प्रधानमंत्री कार्यालय की सूचनाओं, प्रेस रिलीज को सार्वजनिक करते हैं। पहले यह कार्य डा. अतुल तिवारी करते थे।
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में कोविड-19 से जुड़े अपडेट जनवरी महीने से ही लगातार गंभीरता से लिए जा रहे हैं। 20 मार्च को प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करके देश की जनता से कर्फ्यू का आह्वान किया। इसी दिन से प्रधानमंत्री ने कोविड-19 से तैयारी की कमान युद्ध स्तर पर संभान ली।
कोविड-19 के समाज में फैलने के खतरे का आभास होने लगा था, इसलिए 20 मार्च को ही उन्होंने नेपाल, भूटान के पीएम से बात की। 21 मार्च को प्रधानमंत्री ने देश के शीर्ष उद्योगपतियों, कारपोरेट घरानों से चर्चा की।
फार्मास्युटिकल इंड्रस्ट्री के प्रतिनिधियों से चर्चा की। जनता को कर्फ्यू की याद दिलाई और 22 मार्च को इसके सफल रहने के लिए देश की जनता का आभार प्रकट किया। 23 मार्च को प्रधानमंत्री ने देश की जनता से लॉकडाउन का कड़ाई से, आत्म अनुशासन के साथ पालन करने का आग्रह किया।
23 मार्च को प्रधानमंत्री ने एयर इंडिया को विदेश से लोगों को लाने में सहायता के लिए धन्यवाद दिया। बांग्लादेश, अफगानिस्तान, श्रीलंका के राष्ट्राध्यक्षों से कोविड-19 को लेकर उन्होंने चर्चा की।
इसी दिन देश के इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रमुख लोगों से बात की और बड़े उद्योगों के प्रमुखों से भी कोविड-19 में सहयोग के लिए आगे आने को कहा। इसी दिन उन्होंने अन्य क्षेत्रों के लोगों से भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आगे आने का आग्रह किया।
24 मार्च को उन्होंने प्रिंट मीडिया के प्रतिनिधियों से बात की। इसी दिन कोविड-19 को लेकर देशवासियों से सावधानी, प्रयास, महामारी के बारे में अपनी चिंताओं, सुझावों का साझा किया। डाक्टर, नर्स, लैब तकनीशियन और अन्य लोगों से भी प्रधानमंत्री वीडियो कांफ्रेसिंग आदि के माध्यम से रू-ब-रू हुए। 24 मार्च को ही रात में प्रधानमंत्री ने पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की।
25 मार्च को प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से चर्चा की, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से कोविड-19 में परस्पर सहयोग को लेकर चर्चा की। इसके बाद भी कतर, अबू धाबी के शीर्ष नेताओं, ब्रिटेन के पीएम से बात करते हुए 28 को पीएम केयर्स फंड में लोगों से योगदान की अपील की।
फिर मन की बात लेकर सामने आए, दुनिया भर में फैले भारत के राजदूतों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और 31 मार्च को फ्रांस के राष्ट्रपति से आपसी सहयोग पर चर्चा की।
पहली अप्रैल को कुवैत के प्रधानमंत्री से चर्चा, 2 अप्रैल को राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा, जर्मनी की चांसलर और प्रिंस ऑफ वेल्स से बात। 3 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने कोविड-19 की मुहिम में खेल जगत से जुड़े लोगों को चर्चा करके शामिल किया, इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतान्याहू से बात की, राष्ट्र को संबोधित किया और कोविड-19 जंग में सहयोग मांगा।
पांच अप्रैल को रात 9 बजे दीया जलाने का आह्वान किया। 4 अप्रैल को कोविड-19 के इम्पावर्ड ग्रुप से चर्चा की, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्राजील और स्पेन के पीएम से बात की। सोमवार सुबह उन्होंने आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री से कोविड-19 संक्रमण को काबू में रखने पर चर्चा की।