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देश को दो और टीके मिलेंगे जल्द, फिर पीएम मोदी राज्यों के साथ करेंगे कीमत तय

Wed, 13 Jan 2021 04:31 AM IST
देव कश्यप परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली

सार

  • कोरोना टीकाकरण पर खर्च और सामान्य व्यक्तियों के लिए टीका की कीमतों पर फैसला अभी नहीं।
  • भारत और रूस के दो टीका अगले माह तक आ सकते हैं सामने।
  • अप्रैल से पहले देश में कम से कम पांच अलग-अलग तरह के टीके होंगे उपलब्ध।
  • मोदी सरकार ने टीकाकरण की रणनीति को अलग-अलग चरणों में बांटा।
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कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीन दिन बाद देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रय शुरू होगा। इससे पहले टीके की डोज राज्यों को मिलना शुरू हो चुका है लेकिन इस बीच टीके की कीमतों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। एक ओर राज्य सरकारें टीकाकरण पर खर्च के लिए केंद्र से मदद मांग रही हैं, वहीं दूसरी ओर एक सामान्य व्यक्ति के लिए टीका की कीमत क्या रखी जाए? यह अब तक तय नहीं हुआ है। इस पर राजनीति से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र तक में एक बहस भी छिड़ी है। ऐसे में अमर उजाला ने जब इन सवालों के जवाब तलाशना शुरू किया तो भारत सरकार की टीकाकरण पर रणनीति अलग-अलग चरणों में विभाजित पाई गई।

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देश में फिलहाल दो तरह के टीके को आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। अगले एक महीने में दो और टीके सामने आ रहे हैं जिनमें से एक स्वदेशी जाइडस कैडिला कंपनी का है। जबकि दूसरा रूस का स्पूतनिक-5 टीका है। फिलहाल यह दोनों टीके अंतिम चरण के परीक्षण स्थिति में चल रहे हैं।

सरकार की योजना के ही अनुसार, मार्च माह के पहले सप्ताह तक देश में चार और अप्रैल माह के अंत तक पांच तरह के टीके उपलब्ध होंगे। तब तक देश में तीन करोड़ स्वास्थ्य कर्मचारी और सुरक्षा जवानों को टीका दिया जाएगा। बाजार में पांच तरह के टीके उपलब्ध होने के बाद इनकी कीमतों में भी कमी आएगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के साथ मिलकर फिर कीमतों पर विचार करेंगे।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीते सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में कुछ राज्यों से यह मांग की गई थी कि टीकाकरण का पूरा बजट केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाए। इस पर पीएम मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों के साथ योजना को साझा करते हुए कहा है कि अगले दो से तीन माह में चार से पांच तरह के टीके आने के बाद फिर से बैठकर कीमत और बजट पर चर्चा की जाएगी।

अभी तक की स्थिति के अनुसार पहले तीन करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री राहत कोष की ओर से टीका निशुल्क दिया जाना है। वहीं एक व्यक्ति को प्रति डोज कम से कम 500 से एक हजार रुपये की कीमत हो सकती है। हालांकि अभी टीका हर किसी को उपलब्ध नहीं है, लेकिन जून माह तक बाजार में इसका विकल्प मिलने की उम्मीद है।

सत्येंद्र जैन बोले- कोरोना का टीका सभी को निशुल्क मिलना चाहिए
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बयान दिया है कि कोरोना का टीका सभी को निशुल्क मिलना चाहिए। दिल्ली के हर व्यक्ति को टीका उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। इसके लिए केंद्र सरकार को राज्यों की मदद करनी चाहिए। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलवीर सिंह संधू का कहना है कि केंद्र को टीका पर बजट खर्च करना चाहिए। अभी तक उनकी भूमिका ही रही है। वहीं राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा है कि पीएम मोदी ने कुछ माह में और टीका आने के बाद कीमतों पर विचार किया जाएगा लेकिन उन्हें लगता है कि केंद्र को इस पर खर्च करना चाहिए।

इनके अलावा वैल्लोर स्थित सीएमसी की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गगनदीप कांग का कहना है कि टीकाकरण के बजट को लेकर भले ही राज्य-केंद्र के बीच राजनीति हो, लेकिन आम व्यक्ति होने के नाते यह जरूरी है कि लोगों पर इसका भार नहीं पड़ना चाहिए। देश के एक परिवार पर कम से कम पांच से 10 हजार रुपये का खर्च आ सकता है। वहीं स्वास्थ्य एथिक्स विशेषज्ञ डॉ. अनंत भान का मानना है कि लोगों को कोरोना का टीका निशुल्क मिलना चाहिए। अगर एक डोज की कीमत 500 रुपये भी होती है तो भी हर व्यक्ति उसका खर्च नहीं उठा सकता है।

अप्रैल तक यह टीका भी होंगे भारत में
फाइजर :  अंतिम अनुमति के लिए आवेदन भारत सरकार के पास है। विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने परीक्षण से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं जिसके आधार पर फैसला लिया जाएगा।
जाइको-डी: जाइडस कैडिला का यह दूसरा स्वदेशी टीका है जिस पर तीसरा परीक्षण हाल ही में शुरू हुआ है। फरवरी माह तक इसे अनुमति मिलने की पूरी उम्मीद है।
स्पूतनिक-5: रूस का यह टीका भारत में दूसरा और तीसरा परीक्षण एकसाथ कर रहा है। 1600 में से 100 लोगों पर दूसरा परीक्षण पूरा हो चुका है। बाकी 1500 लोगों पर तीसरा परीक्षण चल रहा है। यह भी फरवरी माह में आने की पूरी उम्मीद है।
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नोवल वैक्सीन: बॉयालॉजिकल ई नोवल वैक्सीन पर अभी दूसरे चरण का परीक्षण चल रहा है। करीब दो माह और परीक्षण में लग सकते हैं।
एमआरएनए वैक्सीन : जेनेवा फॉर्मास्युटिकल की ओर से यह तीसरा स्वदेशी टीका है जिसे हाल ही में तीसरे परीक्षण की अनुमति दी गई है। फरवरी माह तक इसे भी अनुमति मिल सकती है। भारत सरकार के वैज्ञानिकों ने इसे तैयार किया है। 

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