राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने शनिवार को कहा कि आयुष्मान भारत के लाभार्थियों के लिए निजी प्रयोगशालाओं और पैनल वाले अस्पतालों में कोविड-19 की जांच और इलाज मुफ्त होंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने वाले एनएचए ने कहा कि इससे कोरोना वायरस महामारी से निपटने में देश की क्षमता बढ़ेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी ट्वीट कर इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि 50 करोड़ लोगों की जांच और इलाज आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त में किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट किया, '50 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर नागरिक आयुष्मान भारत के तहत मुफ्त कोरोना जांच और उपचार के लिए पात्र होंगे। निजी अस्पतालों में परीक्षण और नामित अस्पतालों में उपचार अब भारत भर में आयुष्मान लाभार्थियों के लिए मुफ्त किया गया है।'
एनएचए ने एक बयान में कहा कि सरकारी केंद्रों में कोविड-19 संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच और उपचार पहले से ही मुफ्त में उपलब्ध है। अब स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पात्र 50 करोड़ से ज्यादा लोग प्राइवेट लैब के माध्यम से जांच तथा पैनल वाले अस्पतालों में इलाज का लाभ भी उठा सकेंगे।
एनएचए ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पैनल वाले अस्पताल अपने अधिकृत जांच केंद्रों का इस्तेमाल कर सकते हैं या किसी अधिकृत जांच केंद्र इसके लिए जोड़ सकते हैं। एनएचए के इस आदेश के बाद कोरोना की जांच और इलाज के लिए निजी अस्पतालों की संख्या भी बढ़ सकती है। निजी क्षेत्र की भागीदारी होने के कारण कोविड-19 रोगियों की देखभाल में वृद्धि होगी।
माना जा रहा है कि आईसीआईसीआई लोम्बार्ड हेल्थ इंश्योरेंस और स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस सहित कई निजी स्वास्थ्य बीमाकर्ता कंपनियों के उठाए कदमों की वजह से सरकार ने यह निर्णय लिया है। गौरतलब हो कि इन कंपनियों ने अपने ग्राहकों को कोविड-19 स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी प्रदान की है।
वही कोरोना वायरस का कहर देश में लगातार बढ़ता जा रहा है। आज महाराष्ट्र में 47, उत्तर प्रदेश के आगरा में 25, राजस्थान में 19, गुजरात में 10, मध्यप्रदेश में छह और गोवा में एक नए मामले सामने आए हैं। वहीं, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु में एक-एक और मध्यप्रदेश में तीन की मौत हो गई है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या बढ़कर 2902 हो गई है। इनमें 2650 सक्रिय हैं, जिनका अस्पतालों में इलाज चल रहा है। वहीं 183 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 68 लोगों की मौत हुई है।