यूरोप के लगभग सभी देश, अमेरिका, इस्राइल समेत अन्य को कोरोना वायरस के जनक देश के बारे में जानकारी का इंतजार है। देशों का सबसे ज्यादा संदेह चीन पर ही है। चीन के वुहान प्रांत से इसके संक्रमित मिलने शुरू हुए थे और संक्रमण बढ़ने पर चीन ने इस प्रांत में लॉकडाउन कर दिया था। अब वुहान में स्थिति सामान्य हो रही है। सार्वजनिक वाहन चलने शुरू हुए हैं और ओद्योगिक कंपनियों ने कामकाज शुरू कर दिया है। जबकि दुनिया के देशों में लॉकडाउन का दौर चल रहा है।
जैविक या रासायनिक हथियार विकसित किया जाना कोई नई बात नहीं है। सामरिक विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के कई देशों के पास जैविक और रासायनिक हथियार हो सकते हैं। डीआरडीओ के एक पूर्व वैज्ञानिक का कहना है कि तमाम देशों ने जैविक और रासायनिक हथियारों के हमले से बचने के लिए बचाव का उपकरण भी तैयार किया है।
यह आशंका पूरी दुनिया में घर कर रही है कि कोरोना(कोविड-19) एक जैविक हथियार है। इसे विकसित किया जा रहा था और टेस्टिंग के दौरान हुई किसी त्रुटि के कारण इसे विकसित करने वाले प्रयोगशाला के वैज्ञानिक इससे संक्रमित हो गए। संक्रमित वैज्ञानिकों से यह बाहर प्रयोगशाला से बाहर आया और अब पूरी दुनिया में फैल गया है।
इसके सामानांतर एक थ्यौरी यह भी चल रही है चमगादड़ का मांस खाने वाले या पैंगोलिन से यह वायरस पैदा हुआ है। माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण से निजात पाने के बाद दुनिया के देश एक बार इसके जन्मदाता की खोज में अपनी ऊर्जा लगाएंगे।