दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित मरकज की तब्लीग-ए-जमात से गए लोगों को ढूंढने के लिए सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। इसमें 19 राज्यों की पुलिस एवं सिविल प्रशासन के अलावा इंटेलिजेंस इकाई भी शामिल है। लोगों की तलाश करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
दिल्ली पुलिस की ओर से तब्लीग-ए-जमात में आए लोगों के मोबाइल नंबर और उनके आवास का पता विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ शेयर किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, तब्लीग जमात से गए लोगों को जल्द से जल्द तलाश कर उन्हें क्वारंटीन सेंटर में भेजा जा सके, इस बाबत सभी राज्यों को अलर्ट भेजा गया है।
आईबी निदेशक ने इन लोगों की तलाश के लिए राज्यों के पुलिस महानिदेशकों को लिखा है। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने 15 जिलों में जमात के मरकज में शामिल लोगों को ढूंढने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। तेलंगाना, बेंगलुरु, अंडमान निकोबार, तमिलनाडु में भी सर्च अभियान शुरू किया जा चुका है।
बता दें कि विभिन्न राज्यों और विदेशों से हजारों लोग एक से 15 मार्च तक आयोजित तब्लीग-ए-जमात में हिस्सा लेने के लिए निजामुद्दीन स्थित मरकज में पहुंचे थे। फिर 15 मार्च के बाद वहां काफी संख्या में लोग ठहरे हुए थे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, एक जनवरी से लेकर अभी तक तब्लीग-ए-जमात में 2100 सौ विदेशी आ चुके हैं। 21 मार्च तक 824 लोगों को अलग अलग राज्यों में भेज दिया गया है।
चूंकि अब बहुत से लोग राज्यों में जा चुके हैं और वे खुद सामने नहीं आ रहे हैं, इसलिए अब इंटेलिजेंस एजेंसी और विभिन्न राज्यों की पुलिस मिलकर उनकी तलाश कर रही है। इसमें राज्यों के खुफिया महकमे की सेवाएं भी ली जा रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि कोरोना का संक्रमण आम लोगों तक न पहुंचे, इसके लिए इन लोगों को जल्द से जल्द खोज निकालना पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। यही वजह है कि आईबी ने इसमें राज्यों की पुलिस के अलावा वहां के साइबर सेल को भी ऑपरेशन में शामिल किया है।
निजामुद्दीन स्थित मरकज से ऐसे लोगों के मोबाइल फोन नंबर जुटा लिए गए हैं। अब उन्हें सर्विलांस पर लगाया जाएगा।