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गांवों में कोविड की दस्तक: जिस बात का डर था अब वही होने लगा है

Sun, 18 Apr 2021 04:06 PM IST
गौरव पाण्डेय आशीष तिवारी, नई दिल्ली

सार

  • कई राज्यों में अब संक्रमण कस्बों से लेकर गांवों तक फैलने लगा
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताई थी इसी बात को लेकर चिंता
  • जिन राज्यों में बिगड़ रहे हालात वहां जारी किए सख्ती के आदेश
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भारत में कोरोना - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस बात को लेकर चिंता जताई थी वही चिंता तमाम स्तर की लापरवाहियों के बाद भी सच में तब्दील होने लगी है। पीएम मोदी ने चिंता जाहिर की थी कि कोरोना के संक्रमण को हमें गांवों में पहुंचने से पहले रोकना होगा। लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। देश के ज्यादातर राज्यों में कोरोना संक्रमण का प्रसार छोटे-छोटे शहरों से लेकर तहसील स्तर के छोटे कस्बों और गांवों तक में हो चुका है। इन कस्बों और गांव में न इलाज मिल पा रहा है और न मरीजों की जांच हो पा रही है। नतीजा यह है जिन जिलों में कुछ महीने पहले तक 10 से 20 मरीज रोजाना रिपोर्ट होते थे आज वहां पर 500 से 700 मरीजों की संख्या पहुंच रही है। केंद्र सरकार ने इस स्तर तक पहुंचे संक्रमण को रोकने के लिए संबंधित राज्यों को दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। 

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उत्तर प्रदेश में एक जिला है लखीमपुर खीरी। इस जिले में कुछ महीने पहले तक कोविड मरीजों की संख्या 20 से 50 थी। अब हालात बदले और मरीजों की संख्या का आंकड़ा 500 से ज्यादा तक पहुंच रहा है। इस जिले में छोटे कस्बों से लेकर गांव तक में कोविड-19 के मरीज मिल रहे हैं। इसी तरह उड़ीसा में एक जिला है बरगढ़। इस जिले में भी अब मरीजों का आंकड़ा बढ़कर रोजाना 300 के करीब पहुंच रहा है। यहां पर भी कोविड संक्रमण का प्रसार गांव तक हो चुका है। महाराष्ट्र के जिला लातूर में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक लातूर के गांव में भी मरीजों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। लातूर और आसपास के जिलों में कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक राज्य सरकार जो मरीजों का डाटा केंद्र सरकार से साझा कर रही है उसमें सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या अब उन जिलों से आ रही है जहां पर पहले मरीज कम मिल रहे थे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में कोविड-19 मामलों पर नजर रखने के लिए बनाई गई समिति के एक सदस्य ने कहा कि इस बात से स्पष्ट होता है कि अब कोविड संक्रमण का प्रसार छोटे-छोटे कस्बों से लेकर गांवों तक होने लगा है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ज्यादातर राज्यों के ग्रामीण स्तर और छोटे शहरी इलाकों में चिकित्सा स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी बेहतर नहीं है जितनी कोविड के मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक है। यही वजह है कि संक्रमण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और मरीजों की जान पर बनी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लगातार बढ़ रहे ऐसे मामलों को देखते हुए इन राज्यों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ नए कोविड अस्पतालों को शुरू करने का निर्देश भी दिए हैं। 
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उत्तर प्रदेश में लगातार बिगड़ रहे हालातों को देखते हुए राज्य सरकार ने सवा दो सौ करोड़ रुपए जारी कर सभी जिलों में बेहतर चिकित्सा सुविधा और इंतजामात करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि जिन राज्यों के हालात बिगड़ रहे हैं उन सभी राज्यों को आपात निधि से चिकित्सा सुविधा को बेहतर करने के इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है। केंद्र सरकार लगातार ऐसे राज्यों की निगरानी कर रही है। 

ग्रामीण स्तर पर है चिकित्सा सुविधाओं का जबरदस्त अभाव
देश की राजधानी समेत प्रदेश की राजधानी और वहां के कुछ चुनिंदा शहरों को छोड़ दें तो कमोवेश ज्यादातर छोटे कस्बों और गांवों में स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्था बदहाल है। ऐसे में इन इलाकों में मिलने वाले कोविड के मरीजों का इलाज ही नहीं हो पा रहा है और चिकित्सकीय सुविधाओं की कमी के चलते जान जा रही है। 

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