पटेल ने कहा, ‘‘अगर चीन में स्थिति जल्दी नहीं सुधरी तो दवाओं में कच्चे माल के रूप में उपयोग होने वाले प्रमुख रसायनों की कीमतें बढ़ सकती हैं।’’ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को चीन में फैसले खतरनाक कोरोनावायरस को देखते हुए विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की।
इसमें औषधि, कपड़ा, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर, सौर, वाहन, सर्जिकल उपकरण, पेंट, उर्वरक, दूरसंचार, मोबाइल विनिर्माण, खाद्य तेल, पोत परिवहन एवं पर्यटन समेत विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि सरकार कोरोनावायरस का घरेलू उद्योगों पर पड़ने वाले प्रभाव से निपटने के लिये जल्दी ही उपायों की घोषणा करेगी। औषधि विभाग पहले ही स्थिति का आकलन करने के लिये उच्च स्तरीय समिति गठित कर चुका है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारतीय औषधि कंपनियों ने समिति को सूचित किया है कि उनके पास फिलहाल दो से तीन महीने का भंडार है। उल्लेखनीय है कि पड़ोसी देश से पिछले 20-25 दिनों से कोई आपूर्ति नहीं है। इसका मुख्य कारण चीन में नव वर्ष का अवकाश और उसके बाद कोरोनावायरस का फैलना है।