यूपी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (यूपीएसएलडीसी) का अनुमान है कि नौ मिनट लाइट बंद करने पर ग्रिड नेटवर्क पर लोड में कमी आ सकती है। अचानक आई कमी से यूपी व बाकी राज्यों सहित देश भर में पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के ग्रिड नेटवर्कों पर हाईवोल्टेज की लहर बन सकती है।
- ऊर्जा मंत्रालय ने कहा- राष्ट्रीय ग्रिड पर नहीं होगा असर, विपक्ष खतरों की आशंका पर अड़ा
- उत्पादन बंद कर, ग्रिडों की स्थिरता, कुछ बिजली कटौती से टालेंगे ग्रिड फेल होने का खतरा
ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारी ने बताया, यह पहली बार नहीं है जब बिजली मांग इतने बड़े पैमाने पर गिरेगी। इससे पहले ‘अर्थ ऑवर’ के दौरान भी मांग में गिरावट हुई है। एक अधिकारी के मुताबिक 9 मिनट के ब्लैकआउट के दौरान बिजली की मांग 10 से 12 गीगावॉट तक गिर सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि इसका राष्ट्रीय बिजली ग्रिड की स्थिरता पर कोई असर नहीं होगा।
पहले से ही 25 फीसदी कम है मांग
देश में जारी 21 दिन के लॉकडाउन के चलते उद्योगों में काम काज बंद होने के कारण पिछले साल की तुलना में इस दौरान बिजली की मांग पहले ही 25 फीसदी कम है। पांच अप्रैल को इसमें 12 फीसदी की गिरावट और हो सकती है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने यूपी एसएलडीसी का पत्र ट्वीट कर ग्रिड फेल होने की आशंका जताई। वहीं, जयराम रमेश ने ग्रिड को लेकर चिंता जताते हुए कहा, सरकार को इसके लिए तैयारी करनी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने भी मांग घटने से ग्रिड फेल होने की चिंता जताई है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि मोदी बेहतरीन संवादकर्ता हैं। थाली-ताली बजवाने या मोमबत्ती-दीया जलवाने की बजाय उन्हें लोगों को शिक्षित करना चाहिए। तथ्यों से अवगत कराकर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए। उन्हें सिंगापुर के प्रधानमंत्री की तरह देशवासियों को शिक्षित करना चाहिए।
कहां कितनी घटेगी मांग
- यूपी 3000 मेगावाट
- महाराष्ट्र 5000 मेगावाट
- कोलकाता 1000 मेगावाट
- तमिलनाडु 2000 मेगावाट