कोरोना वायरस संकट के दौर में सरकार और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इसे लेकर सियासत हर रोज आगे बढ़ रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार पर हमलावर हैं और जवाब में सरकार व भाजपा नेताओं की तरफ से राहुल पर निशाना साधा जा रहा है। आज भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कानून मंत्री ने राहुल को घेरा।
रविशंकर प्रसाद ने कोरोना वायरस पर हो रही राजनीति को लेकर राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि राहुल कोरोना पर झूठ फैलाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का काम संकट के समय राष्ट्र के खिलाफ काम करना और झूठ फैलाना है। राहुल गांधी आंकड़ों में देख लें कि सरकार ने कोरोना वायरस नियंत्रण के लिए कितना काम किया है। चीन और नेपाल के साथ सीमा विवाद पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नरेंद्र मोदी के भारत को कोई भी आंख नहीं दिखा सकता।
रविशंकर ने क्या-क्या कहा
- जब से कोरोना की दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थिति आई है, तब से राहुल गांधी देश के संकल्प को इस लड़ाई के मामले में कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
- दुनिया के 15 ऐसे देश जहां कोरोना बड़ी बीमारी बन गया है उसकी आबादी है 142 करोड़। उसमें अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा व अन्य देश हैं। इन देशों में 26 मई तक करीब 3.43 लाख लोगों की मृत्यु कोरोना से हुई है।
- भारत की आबादी है 137 करोड़ और हमारे देश में 4,345 लोगों की मृत्यु हुई है। 64 हजार से ज्यादा रिकवरी हुई है। वैसे मृत्यु कहीं भी वो वो दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रधानमंत्री जी ने लॉकडाउन करके जो देश को एकजुट किया है, ये उसी का नतीजा है।
- प्रधानमंत्री जी ने जब देश से आग्रह किया था कि कोरोना वॉरियर्स के लिए ताली बजाकर, घंटी बजाकर उनका हौसला बढ़ाएं, तो देश ने ऐसा किया। आज दुनिया इसे फॉलो कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना वायरस हमारी अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रहार है। ताली बजाने से उन्हें कोई मदद नहीं मिलेगी। देश को एक बड़े आर्थिक पैकेज की जरूरत है। पूरा देश जब ताली बजा रहा था तो राहुल गांधी ने इसका खंडन किया।
- राहुल गांधी ने पहले कहा था कि लॉकडाउन कोविड-19 का समाधान नहीं है। इसके उलट पंजाब और राजस्थान ने सबसे पहले लॉकडाउन लागू किया, महाराष्ट्र में 31 मई तक इसे बढ़ाया गया। तो क्या आपके सीएम ही आपकी बात नहीं सुनते?
- राहुल गांधी ने देश का संकल्प कैसे कमजोर करने की कोशिश की इसके पांच खंड बताता हूं। पहला- नकारात्मकता फैलाना, दूसरा- संकट के समय राष्ट्र के खिलाफ काम करना, तीसरा- झूठा श्रेय लेना, चौथा- कहते कुछ और हैं करते कुछ और हैं और पांचवां- गलत तथ्य और झूठी खबरें फैलाना।
- राहुल गांधी ने श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मजदूरों के टिकट को लेकर भी झूठे आरोप लगाए कि इसका पैसा लिया जा रहा है। सरकार ने बार-बार बताया कि मजदूरों से किराया नहीं लिया जा रहा है, टिकट के किराए में रेल मंत्रालय 85 फीसदी और राज्य सरकारें 15 फीसदी वहन कर रही हैं।
- राहुल गांधी आईसीएमआर पर भी आरोप लगाते हुए कहते हैं कि इसके द्वारा खरीदारी में गड़बड़ी हुई है। पहली बार आईसीएमआर को सफाई देनी पड़ी कि हमने ऐसी कोई खरीदारी नहीं की है। हमने न्यूनतम दाम में खरीदारी की। राहुल गांधी राजनीतिक विरोध में ऐसी संस्थाओं पर भी झूठे आरोप लगाने लगे हैं।
जानिए क्या कहा था राहुल गांधी ने
राहुल गांधी ने देश में चार चरणों में लगाए गए लॉकडाउन के विफल रहने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा था कि प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि आगे कोरोना संकट से निपटने और जरूरतमंदों को मदद देने की उनकी रणनीति क्या है? उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों और मजदूरों को 7500 रूपये की मदद दी जाए और राज्य सरकारों को केंद्र की तरफ से पूरी मदद मिले।
गांधी ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संवाददाताओं से कहा कि कुछ सप्ताह पहले प्रधानमंत्री ने कहा था कि हम 21 दिनों में कोविड को पराजित कर देंगे। यह उनकी उम्मीद थी। लेकिन आज मामले लगातार बढ़ रहे हैं। चार चरण के लॉकडाउन हो गए और 60 दिन हो गए। भारत पहला देश है जो बीमारी के बढ़ने पर लॉकडाउन हटा रहा है। यह स्पष्ट है कि भारत का लॉकडाउन विफल हुआ हैं। जो लक्ष्य मोदी जी का था, वह पूरा नहीं हुआ है।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि हम पूछना चाहते हैं कि अब आप की रणनीति क्या है? लॉकडाउन को आप किस तरह से देखते हैं? गरीबों, मजदूरों और एमएसएमई की कैसे मदद करेंगे? राहुल गांधी ने कहा कि हम कांग्रेस शासित राज्यों में गरीबों और किसानों को पैसे दे रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से उचित मदद के बिना राज्य अपना कामकाज नहीं कर सकते।
साथ ही राहुल ने नेपाल और चीन के साथ विवाद को लेकर सरकार से रुख साफ करने को कहा था। उन्होंने कहा था कि सीमा पर क्या हो रहा है, इसे लेकर पारदर्शिता के साथ चीजें साफ करने की जरूरत है