कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने अपने स्वास्थ्यकर्मियों को भारी भरकम बीमे की सुविधा प्रदान की है। लेकिन मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों से लेकर उनके घरों तक दवा पहुंचा रहे थोक और खुदरा दवा विक्रेताओं को इस तरह की कोई सुविधा अब तक नहीं मिल सकी है।
द ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट इस क्षेत्र में काम कर रहे लोगों की राष्ट्रीय संस्था है। इस संस्था के 8.5 लाख रजिस्टर्ड सदस्य हैं। संस्था के राष्ट्रीय सचिव संदीप नांगिया ने अमर उजाला को बताया कि देश में थोक-खुदरा दवा व्यापार के क्षेत्र में 85 लाख से अधिक लोग सक्रिय तौर पर काम करते हैं।
कोरोना की लड़ाई में किसी आवश्यक सुविधा में कमी न रहे इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ कमेटियों का गठन किया है, जिसे अलग-अलग क्षेत्रों की सुविधाओं पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा गया है। दवा की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कमेटी में फार्मा क्षेत्र को भी शामिल किया गया है।