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मास्क व सैनिटाइजर की कालाबाजारी करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई: सुप्रीम कोर्ट

Sat, 04 Apr 2020 03:38 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : social media
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से कहा है कि मास्क एवं सैनिटाइजर की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा है कि लोगों को इससे संबंधित हेल्पलाइन के बारे में व्यापक तरीके से जानकारी दी जानी चाहिए।

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जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने सरकार को अपनी उस अधिसूचना के तहत काम करने को कहा जिसमें मास्क और सैनिटाइजर की कीमतें निर्धारित की गईं थी। जस्टिस फॉर राइट फाउंडेशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने सरकार से कहा कि मास्क व सैनिटाइजर की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।

केंद्र की ओर से पेश सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा, सरकार हेल्पलाइन नंबर का प्रचार व प्रसार करेगी जिससे कि मास्क और सैनिटाइजर का मूल्य निर्धारित करने की अधिसूचना का प्रभावी ढंग से अनुपालन किया जाए। याचिका में लोगों को मुफ्त में मास्क मुहैया कराने और इनकी साथ ही मास्क और सैनिटाइजर की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने मुफ्त जांच की मांग पर केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना की मुफ्त जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार व अन्य संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। अधिवक्ता शशांक देव ने याचिका में देशभर के लोगों के लिए मुफ्त कोरोना जांच उपलब्ध कराने की मांग की थी।

जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई सुनवाई में शशांक देव को अपनी याचिका की एक कॉपी केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को ईमेल करने का निर्देश दिया। पीठ अब अगले हफ्ते इस जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी।

याचिका में 17 मार्च को आईसीएमआर की उस एडवाइजरी पर सवाल उठाये थे जिसमें निजी अस्पतालों व लैब में कोरोना की जांच के लिए 4500 रुपये शुल्क तय किया था।
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