कोरोना महामारी की वजह से विदेश में रह रहे प्रवासी भारतीयों की मौत के बारे में सरकार ने गुरुवार को जानकारी दी। सरकार ने बताया कि कोरोना की वजह से 88 देशों में 4355 प्रवासी भारतीयों की जान चली गई। इसमें सबसे ज्यादा 1237 भारतीयों की मौत सऊदी अरब में हुई है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का नंबर आता है। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से सऊदी अरब में 1,237, यूएई में 894, कुवैत में 668, ओमान में 555, बहरीन में 203, अमेरिका में पांच और रूस में 15 प्रवासी भारतीयों की मौत हो गई। मंत्री ने कहा कि कतर में 113 और मलेशिया में 186 प्रवासी भारतीयों की इस महामारी से मौत हो गई।
मुरलीधरन ने कहा कि अलग-अलग भारतीय मिशन पोस्ट के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार कोरोना के कारण 4,355 प्रवासी भारतीयों की मौत हुई। अंत्येष्टि के लिए 127 शवों को भारत भी लाया गया।
गौरतलब है कि भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तो कमी आ रही है, लेकिन मृतकों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को लगातार तीसरे दिन कोरोना ने 1000 से अधिक लोगों की जान ली है। स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा जारी गुरुवार के आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटों में कोरोना के 67,084 नए संक्रमित सामने आए और 1241 लोगों की मौत हो गई।
चिंताजनक वैरिएंट पर वैक्सीन से काबू
भारत के लिए अच्छी बात यह रही कि तेजी से देशभर में कोरोना टीकाकरण किया गया। अभियानों व महाअभियानों के जरिए 100 करोड़ से ज्यादा टीके लगाने का रिकॉर्ड बनाया गया। वर्तमान में 1.71 अरब से ज्यादा कुल खुराक दी जा चुकी है। यही वजह है कि डेल्टा के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलने वाला वैरिएंट होने के बाद भी देश में ओमिक्रॉन ज्यादा असर नहीं डाल सका। अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या नगण्य रही है।