मां भारती को करिए याद
प्रधानमंत्री ने कहा कि पांच अप्रैल को रात में अकेले बैठकर मां भारती को याद कीजिए। ये हमें संकट की इस घड़ी से लड़ने की ताकत और जीतने का आत्मविश्वास भी देगा। हमारे यहां कहा गया है कि हमारे उत्साह, हमारी स्पिरिट से बढ़कर दुनिया में कोई फोर्स नहीं होती है। दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं है जो इस ताकत से हासिल न किया जा सके।
प्रधानमंत्री ने देश को विजयी बनाने का किया आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक दूरी की लक्ष्मण रेखा को कभी भी लांघना नहीं है। सामाजिक दूरी को किसी भी हालत में नहीं तोड़ना है। आइए साथ आकर, साथ मिलकर कोरोना को हराएं भारत को विजयी बनाएं।
देशवासियों ने लॉकडाउन में दिया सेवा भाव का परिचय
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में देशवासियों के सेवा भाव की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिस तरह सेवा भाव का परिचय दिया है। शासन, प्रशासन और जनता ने मिलकर स्थिति को अच्छे ढंग से संभाला है।
हमें अंधकार से प्रकाश के बीच जाना
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी से फैले अंधकार के बीच हमें निरंतर प्रकाश के बीच जाना है। जो गरीब इस कोरोना संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, उन्हें निराशा से आशा की तरफ ले जाना है। इस संकट से जो अंधकार और अनिश्चितता पैदा हुई है, उसे खत्म करके हमें उजाले और निश्चितता की तरफ बढ़ना है।