फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या छूने से फैल रहा है वायरस? जानें कोरोना से जुड़े कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब

Fri, 20 Mar 2020 09:16 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
कोरोनावायरस (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

कोरोना वायरस के चलते पूरी दुनिया में 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं भारत की बात की जाए तो मरीजों की संख्या 170 से ज्यादा है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने गुरुवार को वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर कोरोना के विषाणु के फैलने पर रोक नहीं लगाई जाती है तो लाखों लोग मर सकते हैं। ऐसे में लोगों के मन में इसे लेकर कई तरह के सवाल हैं। जिनके येल में सामाजिक और प्राकृतिक विज्ञान के स्टर्लिंग प्रोफेसर और चिकित्सक निकोलस ए क्रिस्टाकिस ने जवाब देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि परिस्थिति अस्थिर है लेकिन जानकारी इसमें बदलाव ला सकती है। उन्होंने इस वायरस से संबंधित कई मुद्दों पर जानकारी दी है।

विज्ञापन




बच्चों के स्कूल बंद होने से क्या फायदा
अमेरिका में रहने वाले निकोलस ने लिखा, कोविड-19 के कारण स्कूल बंद होना वैज्ञानिक और व्यावहारिक रूप से एक मुश्किल विषय है। इसके फायदे का ठीक-ठीक पता लगाना कठिन है। स्कूल बंद होने से बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। मगर यह बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है। कई शोध से पता चला है कि बच्चों के घर में रहने से नतीजे बेहतर आए हैं। इससे वह किसी भी भीड़-भाड़ वाले स्थान पर जाने से बच जाते हैं।

सामाजिक मेल-जोल से बढ़ता है वायरस
वायरस सामाजिक मेल-जोल से बढ़ता है। यह रोजाना एक निश्चित जनसंख्या में फैलता है जैसे कि कॉलेज। जहां कुछ लोगों के इस वायरस के संपर्क में आने का पता नहीं चल पाता है। वहीं ज्यादातर लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों के कारण इसकी चपेट में आते हैं। 
विज्ञापन


बुजुर्ग, बेघर को रहता है सबसे ज्यादा खतरा
यह महामारी सबसे पहले कमजोर लोगों (बुजुर्ग, बेघर) को अपनी चपेट में लेते हैं। उन्हें इसके संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। इन लोगों को हमारी देखभाल की जरुरत होती है। खासतौर से जो लोग डायलिसिस पर हैं उन्हें सबसे ज्यादा खतरा है क्योंकि वह वहां अपने साथियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के संपर्क में आते हैं। ऐसे में यदि कोई स्वास्थ्य कर्मी इस वायरस की चपेट में हैं तो उसके जरिए यह कई लोगों को अपनी चपेट में आसानी से ले सकता है। इसके अलावा उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर होती है।

विज्ञापन

क्या छूने से फैल रहा है वायरस
कई लोगों के मन में यह भ्रम है कि यदि किसी कोविड-19 के मरीज में खांसी, बुखार जैसे लक्षण नहीं हैं तो क्या वो भी वायरस का प्रसार कर सकता है, तो इसका जवाब हां है। आप आपको ऐसे लक्षण नहीं भी दिख रहे हैं तो खुद को सामाजिक मेलजोल से दूर रखें। कई लोगों में इस वायरस के लक्षण दिखने में समय लगता है। जिसके कारण वह लोगों से मिलते हैं और अपने संपर्क में आने वालों के संक्रमित कर देते हैं।

भारत में क्या है स्थिति
भारत में संक्रमित मरीजों की संख्या 170 से ज्यादा हो चुकी है। हम अभी दूसरे चरण में हैं। यानी फिलहाल वो लोग संक्रमित हैं जो विदेश यात्रा करने वालों के संपर्क में आए हैं। हमारे यहां इस वायरस का सामुदायिक फैलाव नहीं हुआ है। यदि हम थोड़ी सी सावधानी बरतें तो स्थिति पर नियंत्रण पा सकते हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जनता कर्फ्यू की अपील की है। उन्होंने लोगों को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक घरों के अंदर रहने के लिए कहा है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें