लॉकडाउन बढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई भी आगे बढ़ जाएगी। इनमें नागरिकता संशोधन अधिनियम, अनुच्छेद 370 के प्रावधानों का उन्मूलन और धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा व अन्य धार्मिक समुदायों में अनिवार्य धार्मिक रिवाजों पर न्यायिक निगरानी जैसे मामले शामिल हैं।
लॉकडाउन से कार्यदिवसों में हुई कमी को पूरा करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट व निचली अदालतों ने ग्रीष्म अवकाश रद्द कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने चीफ जस्टिस एसए बोबडे व अन्य जजों को सुप्रीम कोर्ट में भी ऐसा ही करने का निवेदन कर इसे मुकदमे लड़ रहे पक्षों के हित में बताया है।