कोरोना वायरस के संक्रमण से केंद्रीय सुरक्षा बलों को दूर रखने के लिए अब कई तरह के नए आदेश जारी किए गए हैं। केंद्र सरकार को विभिन्न रिपोर्टों के जरिए पता चला है कि देश के दूसरे लोगों की तरह सुरक्षा बलों में भी कई ऐसे जवान और अफसर हैं जो कोरोना वायरस के लक्षणों को जानबूझकर दरकिनार कर रहे हैं या जानते हुए भी किसी को नहीं बता रहे।
उनके ऐसा करने से यह वायरस दूसरे जवानों के लिए खतरा बन सकता है। यही वजह है कि कोरोना के लक्षण छिपाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। इसमें संबंधित जवान या अधिकारी का सरकारी आवास खाली कराना भी शामिल है।
साथ ही, अब सुरक्षा बल परिसर में बनी कैंटीन एवं कॉपरेटिव शॉप बंद कर दी गई हैं। दूध अंडा व सब्जियां लेने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।
बता दें कि देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' की छत्तीसगढ़ में स्थित 219 बटालियन के एक सिपाही में कोरोना के लक्षण देखे गए थे। तीन सप्ताह पहले सिपाही के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए मुंबई भेजा गया था।
तीन-चार दिन बाद सिपाही की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। तब तक उस सिपाही को आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया था। आसपास की सभी बैरकों में रहने वाले जवानों की जांच की गई। वह सिपाही केरल का रहने वाला था। फरवरी में वह छुट्टी लेकर अपने घर अलेप्पी गया था।
इसके बाद दूसरा मामला पिंजोर के सीआरपीएफ सेंटर में देखने को मिला था। यहां भी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कोरोना वायरस के चलते सभी बलों ने आगामी परीक्षाएं भी रद्द कर दी हैं।
तमाम सुरक्षा बलों के पदोन्नति एवं 'इन सर्विस कोर्स' भी स्थगित कर दिए गए हैं। कई जगहों से ऐसी जानकारी मिली है कि कुछ कर्मी कोरोना वायरस को लेकर जारी की गई गाइडलाइंस को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
इन सबके चलते सुरक्षा बलों के लिए अब ये आदेश जारी किए गए हैं कि किसी भी जवान या अफसर में कोरोना का कोई लक्षण दिखाई दे तो वे तुरंत अपने कमांडर को सूचित करें। अगर किसी ने कोरोना को लेकर कुछ छिपाने की कोशिश की तो उसका सरकारी आवास खाली करा लिया जाएगा।
सुरक्षा बलों के कई सेक्टरों में तो ये आदेश भी दिए गए हैं कि वे अपने परिसर में भी बाहर न निकलें। उनका कोई भी परिचित या रिश्तेदार उनके मकान पर न आए। साथ ही बल परिसर में जो कैंटीन है, वह बंद कर दी गई है।
जवानों की रोजमर्रा की वस्तुएं जैसे दूध और अंडा पहुंचाने की नई व्यवस्था की गई है। इसके लिए अलग-अलग मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। सब्जी के लिए अलग नंबर रहेगा। किराना सामान, दूध व अंडा, ड्राई कैंटीन का सामान और गैस, इन सबके लिए अलग अलग नंबर मुहैया कराए गए हैं।
जवानों को जो भी सामान चाहिए, वे इन नंबरों पर बता सकते हैं। जब यह सामान पैक हो जाएगा, तो उसी नंबर पर यह सूचना मिलेगी कि आप यहां आकर अपना सामान ले जाएं। ये सभी आदेश 14 अप्रैल तक जारी रहेंगे।